टनकपुर (चंपावत)। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के महराम सिंह पहली बार मां पूर्णागिरि देवी के दर्शन के लिए आए थे। चाहत थी दर्शन कर मां से मुराद मांगना। महराम और उनके परिवार ने पहली नवरात्र को दर्शन किए भी, मन्नत भी मांगी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि 12 किलोमीटर दूर ठुलीगाड़ में बस काल बन कर आ जाएगी। इस मनहूस पल ने उसकी हंसती खेलती जिंदगी को उजाड़ दिया।
बदायूं जिले के पिंडोल बिल्सी के महराम सिंंह अपनी पत्नी अमरावती, तीन साल की मासूम बेटी प्रियांशी और साली नेत्रावती के साथ पहली नवरात्र को देवी दर्शन के लिए आए थे। खेती कर गुजर करने वाले महराम की वर्षों से पूर्णागिरि आने की तमन्ना बुधवार को ही पूरी हुई थी। आखिरी वक्त पर साली भी पूर्णागिरि दर्शन के लिए साथ हो चली। दर्शन करने से खुश महराम का परिवार ठुलीगाड़ पार्किंग स्थल के पास वाली सड़क पर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था।
ठुलीगाड़ पहुंचे अभी तीन मिनट भी नहीं बीते थे कि तेजी से एक बस आई और एक झटके में अमरावती और नेत्रावती को रौंदते हुए निकल गई। दोनों बहनों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। संयोग यह था कि मासूम बेटी महराम की गोद में थी और बाल-बाल बच गई। पत्नी और साली की मौत के बाद सदमे में आए महराम के लिए नन्हीं बेटी को संभालना भी मुश्किल हो रहा है।
वहीं बहराइच जिले के सोहरवा के 43 साल के बद्रीनारायण भी बस चालक की लापरवाही के शिकार हुए। उनकी मौत हो गई जबकि पत्नी कौशल्या देवी घायल हैं। चार साल की बेटी सरोज और पांच साल की राधिका को भी मामूली चोट आई है। संवाद
2023 में हुए सड़क हादसे:
19 फरवरी: बाराकोट के गुमौद में जीप के लुढ़कने से जीप स्वामी की मौत।
5 मार्च: चंपावत के दुधौरी में खाई में लुढ़की जीप, चालक सहित चार ग्रामीणों की मौत।
23 मार्च: ठुलीगाड़ में बस की चपेट में आने से पांच श्रद्धालुओं की मौत।
घायलों को घर तक जाने के लिए भेजे दो वाहन
टनकपुर (चंपावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। घायलों को बेहतर इलाज देने के अस्पताल को निर्देश देने के साथ फल, दूध की व्यवस्था की गई। सीएम की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और सरकार की ओर से हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया। घायलों को घर तक पहुंचाने के लिए दो वाहन भेजे गए। साथ ही शवों को घर तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई।