नेपाली नागरिकों की तरफ से बुकिंग पर ले जाई जा रही कार को शाहजहांपुर में तमंचे के बल पर लूट लिया गया। लुटेरों ने पहले कार स्वामी के कपड़े उतारे फिर उसके हाथ-पैर और मुंह बांधकर गन्ने के खेत में फेंक दिया। किसी तरह शाहजहांपुर थाने में पहुंचकर कार स्वामी ने मुकदमा दर्ज कराया। वहां के थानाध्यक्ष ने कार स्वामी को कपड़े और दो सौ रुपये देकर बनबसा भिजवाया है। घटना को अंजाम देने वालों में दो नेपाल और यूपी के दो शातिर लुटेरे भी शामिल हैं।
31 मार्च को नेपाल के महेंद्रनगर निवासी शकील अहमद ने बनबसा कैनाल निवासी कार स्वामी राबिन सिंह पुत्र स्व. बिजेंद्र सिंह को नेपाल से बुकिंग दिलाई थी। राबिन को अपनी इनोवा कार (डीएल 7 सीजी-1623) से 31 मार्च को ही महेंद्रनगर (नेपाल) से दो नेपाली नागरिकों को बरेली छोड़ने के लिए जाना था। बरेली पहुंचने पर दोनों नेपाली नागरिकों ने कार स्वामी राबिन को शाहजहांपुर चलने को कहा। दोनों नेपाली नागरिकों ने बताया कि शाहजहांपुर में किसी से बड़ी रकम लेनी है।
शाम को शाहजहांपुर पहुंचने पर दो अन्य लोग भी कार में सवार हो गए। (दोनों लोग दिखने में यूपी के लग रहे थे।) सुनसान जगह पहुंचने पर चारों ने राबिन से कार रोकने को कहा। इस दौरान कार में सवार एक व्यक्ति ने राबिन की कनपटी पर तमंचा रख दिया और दो अन्य लोगों ने उसके पकड़े उतारकर हाथ, पैर और मुंह बांध दिए। चौथा व्यक्ति कार चलाने लगा। उन्होंने राबिन को गन्ने के खेत में धक्का देकर फेंक दिया और कार लेकर फरार हो गए। राबिन ने किसी तरह शाहजहांपुर के शाहबाद थाने पहुंच आपबीती बताई। वहां के थानाध्यक्ष ने कार स्वामी राबिन को कपड़े और दो सौ रुपये देकर बनबसा भिजवाया।
मंगलवार को कार स्वामी राबिन बुकिंग कराने वाले व्यक्ति और अज्ञात नेपाली सवारियों के खिलाफ नेपाल पुलिस में तहरीर देने महेंद्रनगर गए तो नेपाल पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने की बजाय उसे भगा दिया। नेपाल से लौटने के बाद बुधवार को बनबसा थाने में पीड़ित व्यक्ति ने मदद की गुहार लगाई। बनबसा थानाध्यक्ष मनीष खत्री ने बताया कि घटना नेपाल और यूपी की है। शाहबाद थाने में घटना की जानकारी लेने पर पता चला है कि वहां कार लूट का मुकदमा दर्ज किया गया है। कार स्वामी राबिन ने बताया कि कर्ज लेकर इनोवा कार खरीदी थी। राबिन ने बताया कि शकील अहमद ने इनोवा कार को चार हजार रुपये में बुक कराई थी। इसमें से 500 रुपये शकील अहमद के बनने थे।