शारदीय नवरात्र शुरू होने वाले हैं, लेकिन मां पूर्णागिरि धाम की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। विभाग भी लाइनों की मरम्मत को लेकर उदासीन बना है, इससे नवरात्र में पानी के संकट का अंदेशा बना है। शनिवार को एसडीएम अनिल चन्याल ने अधिकारियों के साथ धाम क्षेत्र का दौरा कर नवरात्र से पहले बिजली, पानी, सड़क आदि की व्यवस्थाएं हर हाल में दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के अगले दिन यानि 21 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। नवरात्रों में हर साल उत्तर भारत के सुविख्यात मां पूर्णागिरि धाम में देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचते हैं। धाम क्षेत्र के दुकानदारों ने तो यात्रियों को ठहराने, स्नान, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं मुहैया कराने को अपनी धर्मशालाएं तैयार कर ली है, लेकिन पानी की समस्या से दुकानदार भी खासे चिंतित हैं। बताया गया कि वर्षाकाल में धाम क्षेत्र की लगभग सभी पेयजल योजनाओं की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी, मगर विभाग अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
शुक्रवार को विधायक कैलाश गहतोड़ी द्वारा अधिकारियों को व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन फिर भी जलसंस्थान के अधिकारी हरकत में नहीं आए हैं। पूर्णागिरि धर्मशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रकाश पांडेय का कहना है कि समय रहते जलापूर्ति सुचारु नहीं की गई तो नवरात्रों में श्रद्धालुओं को पानी के संकट से जूझना पड़ सकता है। इधर, शनिवार को एसडीएम ने सीओ आरएस रौतेला, विद्युत विभाग के जेई परमिंदर सिंह एवं लोनिवि के अभियंताओं के साथ पूर्णागिरि का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि सभी विभाग को समय पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया है।
मां पूर्णागिरि धाम का मुख्य मंदिर फूलों से सजेगा
शारदीय नवरात्र मेले में प्रशासन एवं मंदिर समिति की ओर से मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि चैत्र नवरात्रों की तर्ज पर शारदीय नवरात्र में भी देवी मां के दरबार को फूलों से सजाया जाएगा। इसके अलावा मंदिर समिति द्वारा सफाई और पथ प्रकाश की भी व्यवस्था की जाएगी।
पूर्णागिरि में नवरात्र के लिए चिकित्सा शिविर लगाने की मांग
मां पूर्णागिरि धाम धर्मशाला प्रबंधन समिति ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर शारदीय नवरात्रों में बिजली, पानी, सड़क एवं सुरक्षा के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा शिविर लगाने की भी मांग की है। ज्ञापन देने वालों में समिति के अध्यक्ष प्रकाश पांडेय, उपाध्यक्ष सुभाष पांडेय, सचिव सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष पूरन पांडेय, मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी, सुरेश महर, नारायण महर, नेत्रबल्लभ तिवारी आदि शामिल थे।