बारहमासी सड़क पर चंपावत जिले में इस स्थान से बनेगा बायपास।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में निर्माणाधीन बारहमासी सड़क की बायपास की विस्त्रित प्रगति रिपोर्ट (डीपीआर) भेज दी गई है। परामर्शदात्री संस्था द्वारा सड़क सुरक्षा का प्रमाणपत्र दिए जाने के बाद इस डीपीआर को भेजा गया है। चंपावत जिले में 18.95 किलोमीटर लंबाई के दो बायपासों का निर्माण किया जाना है। इसके लिए 497 करोड़ रुपये का आगणन भेजा गया है। बजट मिलने के साथ ही बायपास निर्माण शुरू हो जाएगा।
टनकपुर से पिथौरागढ़ तक के 150 किमी के बारहमासी सड़क में इस जिले में दो बायपास बनने हैं। चंपावत (मुड़ियानी से तिलौन तक 9.05 किमी) में 2173 पेड़ और लोहाघाट (देवराड़ी बैंड से रायकोट पेट्रोल पंप के पास 9.91 किमी) 4120 पेड़ इस दायरे में आ रहे हैं।
परामर्शदात्री संस्था द्वारा सड़क सुरक्षा का प्रमाणपत्र देने के बाद अब राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने दोनों बायपासों की डीपीआर मुख्यालय भेज दी है।
नएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला का कहना है कि डीपीआर भेजी जा रही है। जल्द ही वन अनापत्ति को दूर करने के साथ मुआवजे के वितरण की कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद निविदा प्रक्रिया शुरू कर काम का आगाज किया जाएगा।
मुआवजे में देने होंगे 55.30 करोड़ रुपये
चंपावत जिले में 18.95 किलोमीटर लंबाई के दो बायपास के निर्माण में कुल 497 करोड़ रुपये की लागत आएगी। चंपावत में 245 करोड़ और लोहाघाट में 252 करोड़ रुपये की लागत से बायपास का निर्माण होगा। इन दोनों बायपास में मुआवजे के रूप में ही कुल 55.30 करोड़ रुपये देने होंगे। वन भूमि की क्षतिपूर्ति के अलावा 1795 काश्तकारों को नाप जमीन का मुआवजा देना होगा। इसके अलावा बिजली, पेयजल लाइन शिफ्टिंग सहित कुछ अन्य कार्यो में खर्च होगा। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले में (ऐंचोली से जाजरदेवल 17.26 किमी) भी एक बायपास प्रस्तावित है।
बारहमासी सड़क में बनने वाले बायपास की वन अनापत्ति की कार्यवाही जारी है। डीपीआर को मंजूरी मिलने के तुरंत बाद निविदा प्रक्रिया शुरू कर काम आरंभ कर दिया जाएगा। साथ ही जल्द ही मुआवजा वितरण की कार्यवाही भी शुरू की जाएगी।
एलडी मथैला,
अधिशासी अभियंता,
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।