हजारों लोग बने डोला रथ यात्राओं के साक्षी
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सीमांत मडलक गांव में भैयादूज के मौके में निकली मां भगवती की डोला रथ यात्राओं के हजारों लोग साक्षी बने। इस दौरान बगोटी, मजपीपल, मडलक और देवीमैत से मां भगवती की डोला यात्राएं निकली। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां का आशीर्वाद लिया। भैयादूज के मौके पर मडलक क्षेत्र के 12 गांवों के लोग सामूहिक रूप से वैष्णवी देवी मंदिर में मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
बगोटी गांव में सोमवार की रात को देवी जागरण हुआ। इस दौरान लोक देवताओं ने लोगों के कष्टों का निवारण किया। बगोटी गांव से इस बार 15वर्षों बाद मां भगवती की डोला यात्रा निकली। इसमें सवार होकर खीमा देवी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रही थी। मजपीपल के डोले में खीम सिंह, मडलक के डोले में शीषपाल सिंह, देवीमैत के डोले में चंचला देवी मां भगवती रूप में अवतरित होकर विराजमान थी।
सागर सेल्ला के ग्रामीणों ने माईके वालों की भूमिका निभाते हुए परंपरागत रूप से मां भगवती का स्वागत किया। दुर्गम रास्तों को पार कर डोला यात्राओं ने देवी मैत तथा मुख्य मंदिर की परिक्रमा की। ऐसी मान्यता है कि भैयादूज के दिन मां वैष्णवी अपने माईके देवीमैत आकर भाइयों का पूजन करती हैं।
रथ यात्राओं के पीछे बड़ी संख्या में महिलाएं मां के जयकारे लगाते हुए चल रही थी। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष पवन जोशी, ग्राम प्रधान भुवन भट्ट, डा.सतीश पांडेय, शंकर दत्त, पूरन पंत, गणेश बोरा, प्रेम राम, देवी चंद्र, सुभाष कुमार, मनोहर राम, दयाकृष्ण, अनिल पांडेय, राजपाल सामंत, भीम दत्त आदि लोग मौजूद थे। मेले में शांति व्यवस्था बनाने में पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त था।