चंपावत मुख्यालय में एनएचएम कार्यों की समीक्षा दौरान मौजूद एनएचएम और अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष
चंपावत। जिले में चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए सरकार प्रयासरत है। चिकित्सक सीमित साधनों का अधिकतम उपयोग कर जनता को लाभ पहुंचाएं। यह बातें राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने एनएचएम कार्यों की समीक्षा के दौरान कहीं।
सीएमओ कार्यालय में शनिवार को राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य और अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों की समीक्षा हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, राष्ट्रीय किशोर, कायाकल्प, आयुष्मान कार्ड, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मातृ मृत्यु दर, नवजात मृत्यु ,पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर कम करने और कुल प्रजनन दर स्थिर रखने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्य की जानकारी लिए लोगों को जागरूक करने को कहा।
उन्होंने टीबी मुक्त और नशा मुक्त अभियान के लिए विकासखंडों में शिविर लगाने के निर्देश दिए। किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के तहत 10 से 19 वर्ष के बालक-बालिकाओं का शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलरों के माध्यम से गुणवत्ता परक सलाह दी जाती है। इस दौरान निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह यादव, डॉ. इंद्रजीत पांडे, जिलाध्यक्ष निर्मल माहरा आदि मौजूद रहे।