चंपावत/टनकपुर। यहां भी जिले के तमाम सरकारी अस्पतालों में काम बंद रखा गया। प्रदर्शन कर विरोध जताया गया। तीन दिन तक ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं ठप रहेंगी। अलबत्ता पहले दिन मरीजों को खास प्रभाव नहीं पड़ा। जिला अस्पताल, टनकपुर संयुक्त अस्पताल सहित जिले के तमाम सरकारी अस्पतालों में बृहस्पतिवार को ताले लटके रहे।
विरोध-प्रदर्शन करने वालों में डॉ. एसबी ओली, डॉ. आरके जोशी, डॉ. उदय शंकर, डॉ. श्वेता खर्कवाल, डॉ. एचसी त्रिपाठी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. इंद्रजीत पांडेय, डॉ. कासिद, चीफ फार्मेसिस्ट जेसी कांडपाल, एमसी जोशी, मुकुल कुमार राय आदि शामिल थे। टनकपुर में प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी, डॉ. वीके जोशी, डॉ. घनश्याम तिवारी, डॉ. दीपक गहतोड़ी, सारिका बत्रा, डॉ. ईशा, फार्मेसिस्ट एमसी भट्ट, जगदीश कुंवर आदि ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
जसपुर के डॉ. सुनील कुमार सिंह की हत्या के विरोध में प्रदेशभर के डॉक्टरों में गहरा आक्रोश था। विरोध में अधिकांश अस्पताल भी बंद रहे। लेकिन चंपावत जिला अस्पताल में 11 बजे तक ओपीडी चलती रही। यहां 11 बजे बाद अस्पताल बंद हुआ।
सीएमएस डॉ. एसबी ओली का कहना है कि प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से इस संबंध में किसी तरह के निर्देश नहीं मिलने से ओपीडी जारी रही। 11 बजे के करीब जानकारी मिलने के बाद ओपीडी और आपात चिकित्सा सेवा बंद रखी गई। दूरदराज से मरीजों के पहुंचने की वजह से बृहस्पतिवार को अल्ट्रासाउंड 11 बजे तक जारी रहे। अलबत्ता अब शुक्रवार से अल्ट्रासाउंड भी नहीं होंगे।