मौजूदा सीजन में पहली बार काफल जिला मुख्यालय के बाजार में पहुंच गया है। समय से बारिश नहीं होने से काफल में रस की कमी जरूर है, लेकिन लोग इस नए फल को हाथों-हाथ ले रहे हैं। वर्तमान में काफल 200 रुपये किलोग्राम की दर से बिक रहा है। शुरुआती दौर में काफल इक्का-दुक्का दुकानों पर ही बिक रहा है। कीमत के चलते काफल इस वक्त सेब से महंगा है। सेब 100 से 120 रुपये किलोग्राम बिक रहा है।
जिला उद्यान अधिकारी एचसी तिवारी ने बताया कि इस वर्ष काफल की पैदावार में तो कमी नहीं है, लेकिन बारिश नहीं होने से काफल के स्वाद में मीठापन नहीं है। नमी की कमी होने से काफल में रस नहीं है।
काफल बेच रहे व्यापारी जगदीश नाथ का कहना है कि सीजन का पहला काफल पल्सों क्षेत्र से आया है। इस वक्त इसकी कीमत 200 रुपये किलो है। स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त निदेशक डा.आरके जोशी ने बताया कि काफल में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है। इसके अलावा काफल पेट के लिए बेहद फायदेमंद है। चंपावत जिले के पर्वतीय हिस्सों में तकरीबन डेढ़ महीने काफल बिकता है। यहां आने वाले पर्यटकों के बीच भी यह फल बेहद लोकप्रिय है।