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डॉक्टर हटाने पर भड़के भिंगराड़ा के लोग, किया प्रदर्शन

Wed, 15 Jun 2016 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीरीठा साहिब/चंपावत।
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डॉक्टर हटाने पर भड़के भिंगराड़ा के लोग, किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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 इस साल अप्रैल में खुले भिंगराड़ा के अस्पताल में तैनात डॉक्टर को श्रीरीठा साहिब भेजने से स्थानीय लोग भड़क गए हैं। भिंगराड़ा में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। कहा कि स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से इलाके के लोग फिर से स्वास्थ्य सेवा से वंचित हो गए हैं। इसे लेकर अगले सप्ताह मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
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भिंगराड़ा के नागरिकों ने कहा कि लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के प्रयासों से भिंगराड़ा में डॉक्टर की तैनाती हुई। जिससे यहां लोगों को राहत मिल रही थी। मगर अब उनको यहां से हटाकर श्रीरीठा साहिब भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने इस निर्णय का पुरजोर विरोध करने का एलान किया। विरोध-प्रदर्शन में रमेश भट्ट, उमेश भट्ट, दीपक शर्मा, धर्मानंद भट्ट, तुलसी शर्मा, भोला दत्त, भुवन, दीपक भट्ट, दीपक जोशी आदि शामिल थे।


डॉ. खड़ायत ने किया ज्वाइन
श्रीरीठा साहिब (चंपावत)। भिंगराड़ा के डॉ.कुलदीप सिंह खड़ायत ने बुधवार को श्रीरीठा साहिब में कामकाज संभाल लिया। पहले दिन 16 मरीजों का इलाज हुआ। जिला पंचायत सदस्य भोला सिंह बोहरा के नेतृत्व में सोमवार और मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद सीएमओ ने भिंगराड़ा के डॉक्टर को श्रीरीठा साहिब भेज दिया। उनके यहां पहुंचने  से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर हैं। ग्रामीण अब बेहतर इलाज की उम्मीद जता रहे हैं।
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श्रीरीठा साहिब के डॉक्टर स्वांला, भिंगराड़ा के श्रीरीठा साहिब
श्रीरीठा साहिब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संविदा डॉक्टर को 97 किलोमीटर दूर स्वांला के राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी (एसएडी) भेजा गया। और 10 जून को बारात की एक कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद लोगों ने डॉक्टर को लेकर आवाज उठाई। और विभाग ने बुधवार को भिंगराड़ा के इकलौते डॉक्टर को श्रीरीठा साहिब भेज दिया। अब नए खुले भिंगराड़ा के अस्पताल पर ताले लटक गए हैं। जिले के दूरदराज के ज्यादातर सरकारी अस्पतालों की हालत बेहद बीमार है। श्रीरीठा साहिब के अस्पताल में मई के अंतिम सप्ताह में दो संविदा डॉक्टर भेजे गए। दोनों डॉक्टरों में से कोई भी दो दिन इस अस्पताल में नहीं रहा। विभाग ने एक डॉक्टर को श्रीरीठा साहिब से स्वांला संबद्ध कर दिया। स्वांला की संविदा डॉ.मेघा गुप्ता ने पीजी में प्रवेश मिलने से अस्पताल को टाटा कह दिया। वहीं श्रीरीठा साहिब की के दूसरे डॉक्टर ने ज्वाइनिंग के बाद से यहां आमद नहीं की। श्रीरीठा साहिब में भले ही एलोपैथिक डॉक्टर नहीं हैं, मगर यहां आयुर्वेदिक डॉक्टर एलके भट्ट जरूर हैं।

मगर भिंगराड़ा के डॉ.कुलदीप सिंह खड़ायत को श्रीरीठा साहिब भेजने से भिंगराड़ा अस्पताल में ताले लटकने की नौबत आ गई है। भिंगराड़ा के नए नवेले अस्पताल में 9 अप्रैल को पहली बार डॉक्टर की तैनाती हुई, लेकिन अब यहां की हालत पहले जैसी हो गई है। लधिया घाटी के टांण अस्पताल में भी डॉक्टर नहीं है। वहीं धौन एसएडी के डॉक्टर आदित्य विक्रम सिंह तीन साल का अवैतनिक अवकाश लेकर पीजी की पढ़ाई के लिए कर्नाटक चले गए हैं।


एनएचएम में अटैच हैं जिला अस्पताल के डॉक्टर
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.राजीव सिंह पाल करीब आठ महीनों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएचएम) देहरादून संबद्ध हैं। टनकपुर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.पारुल गोयल स्वास्थ्य महानिदेशालय संबद्ध हैं। इसके अलावा पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.मंजीत सिंह लोहाघाट पीपीपी संबद्ध हैं। जबकि जिला अस्पताल के रेडियोलोजिस्ट डॉ.एचसी त्रिपाठी को हफ्ते में शुरू के तीन दिनों में टनकपुर अस्पताल संबद्ध किया गया है।

श्रीरीठा साहिब पीएचसी में 31 मई को ज्वाइनिंग के बाद से गैर हाजिर रही डॉ.विदुषी शर्मा को विभाग ने पत्र भेजा है। तुरंत कार्यभार नहीं संभालने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वेतन रोकने के भी आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य जगहों में भी हालात बेहतर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
डॉ.रश्मि पंत प्रभारी सीएमओ, चंपावत।

प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टर कम पर मरीजों की भरमार
जिले में छह प्राइवेट अस्पतालों में बमुश्किल 10 डॉक्टर हैं। लेकिन इन अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक हर तरह के मरीज यहां हैं। यहां तक कि कुछ अस्पताल तो बगैर स्त्री रोग विशेषज्ञ के ही, गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी करा रहे हैं।
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