विभागीय काम में हीलाहवाली में सस्पेंड चल रहे सात वन कर्मियों को तत्काल बहाल करने की मांग की गई है। ऐसा नहीं करने पर वन बीट कर्मचारी संगठन ने आंदोलन करने का एलान किया है। इसके अलावा डिपो और बैरियर में तैनात कर्मियों को वाहन भत्ता देने की मांग भी की गई है।
रविवार को रेंज कार्यालय में हुई सहायक वन कर्मचारी संघ और वन बीट अधिकार संघ की संयुक्त बैठक में वक्ताओं ने कहा कि करीब एक माह पूर्व एक ट्रक से लीसा बरामद हुआ था। आरोप लगाया कि इस मामले में हीलाहवाली के आरोप में बैरियर में तैनात वन रक्षक, दरोगा और श्रमिकों को बेवजह फंसाया जा रहा है। संगठन ने सस्पेंड किए गए सभी सात कर्मियों को बहाल करने की मांग की। ऐसा नहीं किए जाने पर आंदोलन का अल्टीमेटम दिया गया।
इस दौरान शासनादेश के अनुरूप कार्यालय, बैरियर और लीसा डिपो में तैनात फील्ड कर्मचारियों को 1200 रुपये मासिक वाहन भत्ता देने की भी मांग की गई। सहायक वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष बची सिंह बिष्ट और पुष्कर बोहरा के संचालन में हुई बैठक में रामलाल, ईश्वरी राम, एलडी जोशी, मोहन पांडेय, किशननाथ, चंद्रशेखर, शंकर राम, गजेंद्र राम, रियाज अहमद, भवानी दत्त, मनोहर पांडेय और बद्री दत्त भट्ट आदि मौजूद थे।
ये हैं सस्पेंड किए गए कर्मचारी
लीसा प्रकरण में सात कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। इनमें बस्टिया बैरियर में तैनात वन रक्षक पूरन गहतोड़ी और गणेश जोशी, चल्थी में तैनात वन दरोगा शंकर राम, श्रमिक मोहन सिंह, नलिया में तैनात वन दरोगा बची राम पंत और रोजिन चौकीदार जगदीश राम, बनलेख बैरियर में तैनात वन रक्षक जगत सिंह महर शामिल हैं।