चंपावत जिला सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेते डीएम डा.अहमद इकबाल।
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डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी को छोटी बीमारियों के उपचार के लिए अस्पतालों में फिजिशियन न होने का बहाना बनाकर रोगियों को रेफर करने की संस्कृति पर लगाम लगाने को कहा है। बुधवार को जिला सभागार में चिकित्सा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि छोटी बीमारियों के उपचार में इस तरह की कोई शिकायत प्राप्त होगी तो संबंधित चिकित्सा अधिकारी के प्रति कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सख्त स्वर में कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार सभी प्रोग्रामों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर प्रत्येक माह रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने नेशनल ब्लाइंड कंट्रोल एवं कायाकल्प प्रोग्राम की जीरो मानेटरिंग पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पतालों में नियुक्त लिपिकों द्वारा ऑन लाइन रिर्पोटिंग न करने पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए इस कार्य मे किसी भी अन्य चिकित्सा कार्मिक की सेवा न लेने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी अस्पतालों में कम ओपीडी पर हैरानी जताई और कहा कि ओपीडी बढ़ाने के हर संभव प्रयास करें। डीएम ने प्रत्येक माह सर्जरी एवं अन्य कैंप लगाने के लिए रोस्टर जारी करने, अनुपस्थित चिकित्साधिकारियों का वेतन रोकने, फील्ड एवं कार्यालय में कार्यरत कार्मिकों को डेली डायरी तैयार रखने को कहा। उन्होंने आशा रिसोर्स सेंटर द्वारा प्रसव केसों के पंजीकरण में लापरवाही पर फटकार लगाई और कहा कि आगे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.केसी ठाकुर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रश्मि पंत, चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरके जोशी, टनकपुर डॉ.एचएस ह्यांकी सहित अन्य चिकित्साधिकारी, प्रोग्राम मैनेजर आदि उपस्थित थे।