जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई जगहों पर नुकसान की खबरें हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बनलेख कस्बे में उस समय अफरातफरी मच गई जब बरसात का मलबा सड़क किनारे के घरों में घुस गया।
इस दौरान भारी भूकटाव के कारण ग्रामीणों के खेतीयोग्य भूमि बह गई है। भारी बारिश के कारण जहां टनकपुर से पिथौरागढ़ तक निर्माणाधीन बारहमासी सड़क निर्माण क्षेत्र पर कीचड़ से यातायात प्रभावित हो रहा है। जिसके चलते कई स्थानों में दुर्घटना होने के भी संभावना बनी हुई है। खूना के समीप तो कई बाइक सवार रपटने से बाल बाल बचे। मलबा आने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई बार यातायात बाधित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रशासन की ओर से लगातार मार्ग को सुचारु करने के लिए कार्य कराया जा रहा है। मूसलाधार बारिश के कारण जहां कई स्थानों पर जल भराव की समस्या पैदा हो गई। वहीं जन जीवन अस्त व्यस्त होने के साथ ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। चल्थी में क्वैराला नदी के अलावा, नागनी और गंडकी नदी उफान पर आ गई हैं।
बारिश व ओलों का फसलों पर कहर
लोहाघाट/रीठा साहिब।
लोहाघाट, बाराकोट और पाटी में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने खेत-खलिहान पर भारी मार की है। गेहूं की फसल से लेकर साक-भाजी और आम सहित कई फलों की फसल प्रभावित हुई है। ओलावृष्टि से आलू, प्याज, आडू, पुलम, खुमानी, माल्टा, संतरा के फूल गिर गए हैं। रीठा साहिब क्षेत्र में गेहूं की फसल पर जबरदस्त मार पड़ी है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन करायत, सुई खैंसकांडे की ग्राम प्रधान अमिता चौबे, नवीन चौबे, तारा दत्त खर्कवाल, रमेश चंद्र, उर्बादत्त, मथुरादत्त आदि का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र के काश्तकारों की फसलों और साक-भाजी को भारी नुकसान हुआ। युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव भुवन चौबे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सचिन जोशी ने प्रशासन से अलग-अलग टीमें गठित कर ओलावृष्टि और बारिश से किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पहले सूखे ने किसानों की हाड़तोड़ मेहनत में पानी फेरा था, अब ओलावृष्टि और वर्षा ने उनके अरमान ध्वस्त कर दिए हैं।
रीठा में लधिया नदी उफनाई
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब में एक दिन पूर्व तक स्कूली बच्चे लधिया नदी को आसानी से पार कर घर और स्कूल का फासला तय कर रहे थे। मगर तेज बारिश से बुधवार को नदी का जल स्तर बढ़ गया है। उफनाई नदी से आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। इसके चलते रीठा साहिब और परेवा व नदी पार के अन्य गांवों में लोग पैदल पुल के सहारे जा रहे हैं।
चंपावत जिले में बारिश की मात्रा
चंपावत: 9 एमएम
लोहाघाट: 7 एमएम
बनबसा: 32 एमएम
पाटी: 3 एमएम