पहली अक्तूबर से स्वच्छता की अलख जगाने के लिए ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा शुरू कर दिया गया है। मगर तस्वीर का दूसरा पक्ष भी है। जिला मुख्यालय के जीआईसी के नजदीक और स्वजल परियोजना कार्यालय से बमुश्किल 400 मीटर की दूरी पर कूड़े का ढेर पड़ा है। वहीं लोहाघाट विकासखंड के पाटन-पाटनी में 20 दिनों से कूड़े के ढेर जस के तस है। इन्हें उठाने वाला कोई नहीं।
लोहाघाट शहर से लगी पाटन-पाटनी ग्राम पंचायत से 20 मीटर के फासले पर उप कोषागार है। मगर यहां रोड किनारे 12 सितंबर से कूड़े का ढेर है। यहां आने-जाने और यहां से गुजरने वालों को दुर्गंध के बीच इस मार्ग को पार करना पड़ रहा है। लेकिन इसे हटाया नहीं जा सका है। वहीं चंपावत जीआईसी की चहारदीवारी से पांच मीटर और स्वजल कार्यालय से करीब 400 मीटर दूर चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग में कूड़ा बिखरा हुआ है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि इस कूड़े को दो दिन में हटा लिया जाएगा।
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आवाजाही में हो रही दुश्वारी
युवा कपिल जोशी का कहना है कि सड़क के किनारे कूड़ादान तो है, लेकिन वह भी टूटा हुआ। पर इस कूड़ेदान में भी कूड़ा नहीं फेंका जा रहा है। सड़क के किनारे कूड़ा बिखरा होने से आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।
कोट
पाटन-पाटनी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले मार्ग के किनारे पड़े कूड़े के ढेर को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। अगले तीन दिन में ये कूड़ा हटा लिया जाएगा। साथ ही इस स्थान पर कूड़ा फेंकने से लोगों को रोकने के लिए एक साइन बोर्ड भी लगाने को कहा गया है।
आरसी गौतम,
उप जिलाधिकारी, लोहाघाट।