चंपावत जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। दो दिन के भीतर जिलाधिकारी सहित तीन अधिकारियों के स्थानांतरण हुए हैं। एक जून 2016 को चंपावत के डीएम बने डॉ. अहमद इकबाल अब शासन में अपर सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे। 25 माह से अधिक का उनका कार्यकाल रहा जो जिले के 16 जिलाधिकारियों में दूसरा सबसे बड़ा कार्यकाल है। सबसे लंबा कार्यकाल (3 वर्ष) दीपेंद्र कुमार चौधरी का रहा था।
पूर्व डीएम डॉ. इकबाल ने जिले के बुनियादी ढांचे को सशक्त करने से लेकर विकास का लाभ पात्र तक पहुंचाने के लिए खासी मेहनत की थी। उनका सबसे बड़ा योगदान शिक्षा को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य में सुधार के प्रयास थे। डीएम का दायित्व निभाने के साथ ही कई बार उन्होंने जिला अस्पताल में मरीजों की नब्ज भी टटोली।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी का कहना है कि मरीजों का इलाज करने से चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को प्रेरणा मिली। साथ ही डॉक्टरों के आवास के लिए जिला योजना से धन देने, अस्पताल परिसर में रिंग रोड निर्माण कराने के अलावा माइक्रो बायलोजिकल जांच की सुविधा के लिए प्रयास किए। डॉ. इकबाल के स्थान पर राजस्व आयुक्त और राजस्व परिषद के सचिव सुरेंद्र नारायण पांडेय चंपावत के 17वें जिलाधिकारी के रूप में 23 जुलाई को चार्ज लेंगे।
एडीएम और एसडीएम का भी तबादला
अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा और पाटी के उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल का भी स्थानांतरण हो गया है। दोनों अधिकारी इसी पद पर भेजे गए हैं। हेमंत कुमार वर्मा उत्तरकाशी के एडीएम और अनिल चन्याल पौड़ी के डिप्टी कलेक्टर बनाए गए हैं।
एलबीएम रावत का दिल्ली तबादला
चंपावत। चंपावत जिले के लीड बैंक प्रबंधक (एलबीएम) आनंद सिंह रावत का स्थानांतरण हो गया है। तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय स्टेट बैंक दिल्ली भेजा गया है। उनके स्थान पर पिथौरागढ़ से एनसी जोशी यहां भेजे गए हैं। अभी जोशी ने कार्यभार नहीं संभाला है। फिलहाल रावत के कार्यमुक्त होने के बाद एसबीआई आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के निदेशक जनार्दन चिलकोटी के पास यहां का अतिरिक्त प्रभार है।