चंपावत जिला पंचायत सभागार में बाल मुंडन की बोली निपटाते अधिकारी।
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मां पूर्णागिरि धाम में होली के बाद से अगले एक साल के लिए बाल मुंडन के ठेके की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस बार बाल मुंडन से जिला पंचायत को अब तक की सबसे ज्यादा रकम मिलेगी। मेला आयोजक संस्था जिला पंचायत को पिछले साल की अपेक्षा 26.13 प्रतिशत अधिक धन मिलेगा।
जिला पंचायत सभागार में मेला मजिस्ट्रेट व टनकपुर के उप जिला मजिस्ट्रेट अनिल चन्याल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को बाल मुंडन की बोली की प्रक्रिया संपन्न हुई। नीलामी प्रक्रिया नीलामी समिति के सदस्य वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र कुमार गंगवार, अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार और मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय की देखरेख में निपटी।
बाल मुंडन की बोली में छह ठेकेदारों ने हिस्सा लिया। सर्वाधिक बोली टनकपुर के बिशन सिंह महर ने 76 लाख रुपये की लगाई। अधिकतम बोली के आधार पर उन्हें एक साल के लिए बाल मुंडन कार्य के लिए अधिग्रहित किया गया। बोली लगाने वालों में टनकपुर के दीप चंद्र पाठक, नारायण दत्त जोशी, पूरन सिंह महर, योगेंद्र सिंह ज्याल, कुंदन सिंह और नंदन सिंह डांगी शामिल थे। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि इस साल बाल मुंडन से पिछले वर्ष की अपेक्षा 19.45 लाख रुपये अधिक मिलेंगे। बाल मुंडन से मिलने वाली यह रकम उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से अब तक हुए मां पूर्णागिरि धाम मेले में सर्वाधिक है। इस बार मां पूर्णागिर धाम का मेला तीन मार्च से 15 जून तक होगा।
शुभ माना जाता है बाल मुंडन
धार्मिक स्थल में बच्चों का मुंडन संस्कार कराना शुभ माना जाता है। पंडित सुरेश चंद्र तिवारी बताते हैं कि धार्मिक स्थल में बच्चों के मुंडन संस्कार कराने से दीर्घ जीवन, मानसिक व शारीरिक सामर्थ्य और यश की बढ़ोत्तरी होती है। मां पूर्णागिरि का धाम प्रमुख शक्तिपीठ है, इसके चलते यहां बाल मुंडन का विशेष पुण्य मिलता है।
प्रकाश व्यवस्था के ठेके आज
मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था और अस्थाई आवास व्यवस्था के टेंडर शुक्रवार को होंगे। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि दोनों टेंडर 16 फरवरी को अपराह्न एक बजे तक जिला पंचायत सभागार में मुहरबंद लिफाफे में डाले जा सकेंगे। इन निविदाओं को उसी दिन अपराह्न डेढ़ बजे मेला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित समिति के सम्मुख खोला जाएगा।
वर्ष बाल मुंडल से प्राप्त राजस्व (लाख रुपये में)
2011 21.62
2012 40.02
2013 21.62
2014 70.20
2015 42.50
2016 44.50
2017 56.55