प्रदेश सरकार पिथौरागढ़ जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर चुकी है, लेकिन धरातल पर देखें तो आज भी लोग खुले में शौच करते हैं, लोगों के पास शौचालय ही नहीं है। झूलाघाट क्षेत्र के मजिरकांडा ग्राम पंचायत में 54 परिवारों के पास आज भी शौचालय नहीं है।
मूनाकोट विकासखंड की मजिरकांडा ग्रामसभा में 180 परिवार रहते हैं। ग्रामसभा के ओजस्वी तोक में 54 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। अठखोला में 7, सेठीगांव में 5, लेक में 10, तल्ली मजिरकांडा में 4, मल्ली मजिरकांडा में 10, बनाड़ा में 5 और झूलाघाट के 13 परिवार खुले में शौच करते हैं।
तल्ली मजिरकांडा के हरीश चंद्र और सेठीगांव के गणेश सिंह ने बताया ग्राम विकास अधिकारी बैठकें कर शौचालय के लिए आवेदन ले जाते हैं, लेकिन अब तक ग्राम पंचायत के सभी लोगों को शौचालय उपलब्ध नहीं हुए हैं। हालांकि, क्षेत्र पंचायत सदस्य रेखा भट्ट गांव के लोगों को खुले में शौच न करने और सरकार की योजनाओं के बारे में बताती रहती हैं, लेकिन शौचालय न होने से लोग खुले में शौच करने पर मजबूर हैं।
शौचालय की बात बैठकों तक सीमित
अठखोला गांव के खीम राम कहते हैं कि बैठकों में शौचालय की बात हमेशा उठती रहती है। यह बात बैठक तक ही सीमित रहती है। कहते हैं कि उन लोगों को खुले में शौच की आदत हो गई है, भविष्य में बहू आएगी तो दिक्कत होगी।
घर से 500 मीटर की दौड़ लगानी पड़ती है
तल्ली मजिरकांडा के विनोद कुमार ने बताया कि उन लोगों को गांव से 500 मीटर दूर शौच के लिए जाना पड़ता है। शौचालय बनाने के लिए पैसे नहीं है। कई बार आवेदन कर दिया है, लेकिन शौचालय के लिए धन नहीं मिला।
92 परिवारों को शौचालय आवंटित किए जा चुके हैं। 35 लोगों को अगले माह शौचालय का पैसा दे दिया जाएगा। -सुरेंद्र आर्या ग्राम प्रधान मजिरकांडा