जिला अस्पताल में पेयजल की दिक्कत बरकरार है। बीते एक पखवाड़े से यहां पेयजल समस्या बनी हुई है। इस दौरान जल संस्थान ने अस्पताल को तीन बार टैंकर के जरिए पानी उपलब्ध कराया है। बावजूद इसके समस्या से पार नहीं पाया जा सका है। पानी नहीं होने से शौचालय में गंदगी फैली हुई है।
जिला अस्पताल में पेयजल की समस्या इस कदर हावी है कि दस शौचालयों को बंद करना पड़ा है। जिस वजह से डाक्टरों और मरीजों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल ने कई बार जल संस्थान से टैंकर के जरिए पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। जिसके बाद विभाग ने तीन हजार लीटर क्षमता के तीन टैंकर अस्पताल को उपलब्ध कराए। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को थोड़ी राहत मिल सकी।
दरअसल जिला अस्पताल में बीते चार मार्च से पेयजल किल्लत बनी हुई है। अस्पताल में हर रोज एक हजार लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन पेयजल किल्लत होने से जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। नौबत यहां तक आ गई है कि 16 में दस शौचालयों को बंद करना पड़ा है। इन छह शौचालयों में से भी दुर्गंध उठ रही है। जिससे मरीजों और डाक्टरों को तकलीफ उठानी पड़ रही है। पानी की कमी से लेबर रूम, लैब, शौचालय, ड्रेसिंग और इमरजेंसी समेत तमाम काम प्रभावित हो रहे हैं।
कोट
जिला अस्पताल में एक पखवाड़े से पानी की कमी बनी हुई है। जल संस्थान ने अब तक तीन टैंकर से पानी की आपूर्ति की है। पानी की कमी से शौचालयों को बंद करना मजबूरी बन गई है।डॉ.आरके जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।