लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल।
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नहीं तोड़ा अनुशासन, सिर्फ भ्रष्टाचार का विरोध : फर्त्याल
सोमवार को कारण बताओ नोटिस का जवाब दे सकते हैं विधायक
कदम पीछे नहीं खींचने के संकेत दिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल भाजपा के प्रदेश आलाकमान को सोमवार को जवाब दे सकते हैं। उन्होंने फोन पर अमर उजाला को बताया कि पार्टी का कारण बताओ नोटिस मिल गया है। नोटिस का अध्ययन करने के बाद वह जल्द जवाब देंगे। दावा किया कि उन्होंने न तो किसी तरह से पार्टी का अनुशासन तोड़ा है और न ही कोई पार्टी विरोधी गतिविधि की है।
फर्त्याल ने कहा कि वे वही कर रहे हैं, जो पहले दिन से सार्वजनिक तौर पर सरकार कहती रही है। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इसी लाइन को वह भी आगे बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि सामरिक महत्व के टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मोटर मार्ग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर वह कायम हैं। इस मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, वहीं दूसरी तरफ निविदा को भी बेवजह लटका कर एक पक्ष को लाभ पहुंचाया गया है। कहा कि अधिकारियों ने सरकार के सम्मुख तथ्यों को ठीक तरह से नहीं रखा है। फर्त्याल ने दावा किया कि नियम 58 के तहत विधानसभा में सवाल उठाना किसी भी तरह से अनुशासनहीनता नहीं है। वह पहले भी इस नियम के तहत सवाल उठा चुके हैं, तब उन्हें अनुशासन तोड़ने वाला नहीं बताया गया था। विधायक ने कहा कि पार्टी अनुशासन बनाए रखते हुए वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। इसके लिए वह कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
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