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कुमाऊं मंडल में आपदा से बचाव का मॉकड्रिल कल होगा 

Mon, 20 Feb 2017 11:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
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आपदा प्रबंधन की रिहर्सल होगी - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमसी) की ओर से राज्य के दोनों मंडलों में आपदा से बचाव के लिए मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) किया जाएगा। इस बारे में सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई। इसमें एनडीएमसी के मेजर जनरल वीके दत्ता ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया।
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उन्होंने कहा कि देखने, सुनने से ज्यादा किसी भी कार्य को भौतिक रूप से स्वयं करना सबसे अधिक प्रभावी रहता है। उन्होंने राज्य में 21 फरवरी को गढ़वाल मंडल, 22 फरवरी को कुमाऊं मंडल के जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार के सहयोग से होने वाली आपदा संबंधी मॉकड्रिल के लिए तालमेल कर टेबल टॉक एक्सरसाइज के निर्देश दिए।

दत्ता ने कहा कि आपदा संबंधी मॉकड्रिक का मुख्य उद्देश्य आपदा स्थिति में वास्तव में किए जाने वाले कार्यों का पूर्व अभ्यास करना है। अभ्यास में जो भी कमियां हों उन्हें समय रहते दूर करना है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों का प्लान इस प्रकार हो कि जिले में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की पावर क्षमता, प्लान सहित जिले की जरूरी महत्वपूर्ण जानकारियों का समावेश हो। प्लान अपडेट नहीं है तो उसे तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने इंसिडेंट रिस्पोंस सिस्टम (आईआरएस) के ऑफीसरों को निर्देश दिए कि वे सिस्टम से जुड़े सभी अधिकारियों को उनके अधिकार, कर्तव्य बताए। उनसे सर्टिफिकेट प्राप्त लें कि उन्होंने अपने कर्तव्यों, दायित्वों को भलीभांति समझ लिया है। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्लान को अपडेट किया जा चुका है।

आपदा के समय किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त करने, देने के लिए ग्रामीण स्तर पर पटवारियों, ग्राम पंचायत, पुलिस चौकियों का मुख्य रूप से उपयोग किया जाएगा। इस दौरान एसपी आरसी राजगुरु, एडीएम हेमंत वर्मा, एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, कोषाधिकारी एचपी गंगवार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय आदि थे।

चंपावत। एनडीएमसी के मेजर जनरल वीके दत्ता ने कहा कि मॉकड्रिल में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए किसी भी प्रकार से फोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया का उपयोग नहीं किया जाएगा। सूचनाएं देने में सिर्फवायरलेस सैटेलाइट फोन सहित लाउडस्पीकर आदि का प्रयोग किया जाएगा।

उन्होंने प्रेक्षकों को निर्देश दिए कि यदि मॉकड्रिल में फोन का उपयोग किया गया तो वायरलेस सेट के उपयोग न कर पाने का कारण अपनी सूचना में दर्ज करें। उन्होंने बताया कि आपदा मॉकड्रिल के स्थानों की जानकारी अंतिम समय तक गोपनीय रखी जाएगी।
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