चंपावत में मुख्य सचिव के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग में मौजूद डीएम और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी।
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प्रमुख सचिव एस रामास्वामी ने सुप्रीमकोर्ट और हाइकोर्ट की ओर से सार्वजनिक स्थलों, रास्तों से अनाधिकृत धार्मिक स्थलों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने के आदेशों के अनुपालन में ढिलाई पर नाराजगी जताई है। उन्होंने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चिन्हित धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश डीएम को दिए।
उन्होंने इस कार्रवाई में फोर्स की जरूरत होने पर मांग के अनुरूप फोर्स मुहैया कराने के लिए एसपी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों की परिधि में अधिकतर मैदानी जिले हैं, इसलिए इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदारों की भारी कमी को देखते हुए राजस्व परिषद द्वारा 45 पदों के लिए लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा गया है, लेकिन पदोन्नति के 55 पदों के लिए जिलों से सूचना मांगने पर अभी तक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। मुख्य सचिव ने लैंड रिकार्ड का डिजिटलाइजेशन कराने के लिए मूल खतौनियों से मिलान कर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने बताया कि जिले में 24 अनधिकृत चिन्हित धार्मिक स्थलों में से एक की पुनर्स्थापना कर दी गई है। शेष 23 प्रकरणों पर विनियमितीकरण की कार्रवाई जारी है। इस मौके पर सीडीओ हरगोविंद भट्ट, सीएमओ डॉ. डीएल शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी डीएस राजपूत, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीएस भंडारी, अधिशासी अभियंता राजेश मौर्या, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, एआरटीओ रश्मि भट्ट, एसीएमओ रश्मि पंत सहित सभी अधिकारी थे।