दिगालीचौड़ में किराए के भवन में चल रहे आईटीआई के अच्छे दिए आ गए हैं। राज्य सरकार की ओर से संस्था के स्थायी भवन निर्माण के लिए 193.14 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए गए हैं। इसके अलावा आईटीआई तल्लादेश के लिए 58.64 लाख तथा आईटीआई चंपावत के लिए 53.17 लाख रुपए की पहली किस्त जारी कर दी गई है।
राज्य सभा सांसद महेंद्र सिंह माहरा ने देहरादून से मुख्यमंत्री से भेंट करने के बाद बताया कि सरकार ने कोलीढेक में प्रस्तावित बहुउद्देश्यीय झील के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। सरकार का इरादा सबसे पहले डूब क्षेत्र में आने वाली 4.249 हेक्टेयर नाप भूमि तथा 6.241 हेक्टेयर वन भूमि का मुआवजा वितरित करने का है। जिसकी लागत पुरानी दरों पर 114.64 लाख रुपए है।
डूब क्षेत्र में आने वाले लोगाें को लाभान्वित करने के लिए नई दरों पर मुआवजे की दरें निर्धारित करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जा चुका है। नई दरों के मुताबिक मुआवजे की धनराशि 297.43 लाख रुपए हो जाएगी। माहरा के अनुसार मुख्यमंत्री ने लोहाघाट में प्रस्तावित झील निर्माण के मामले में काफी उत्सुकता दिखाई है।