उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम (सीएनडीएस) के इंजीनियर और कार्मिकों को तीन महीने से वेतन और रिटायर्ड कर्मियों को पेंशन नहीं मिल सकी है। संगठन के मंडलीय सचिव इंजीनियर बीसी जोशी ने कहा कि वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर निगम प्रदेश स्तर पर 30 सितंबर से धरना-प्रदर्शन करेगा।
संगठन ने पेयजल निगम के साथ सरकार के स्तर पर उपेक्षा का आरोप लगाया। पिछले साल दिसंबर में हुए दो सप्ताह से लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने निगम के राजकीयकरण और वेतन के लिए जरूरी बजट की उपलब्धता कराने का शासनादेश किया था।
मगर इसका क्रियान्वयन आज तक नहीं किया गया है। कर्मियों ने कहा कि इस वक्त उन्हें वेतन के लिए अपने संसाधनों पर आश्रित रहना पड़ता है। मगर काम में जबर्दस्त कटौती किए जाने से वेतन की रकम नहीं निकल पा रही है। यहां तक कि सीएनडीएस द्वारा बनाए गई डीपीआर वाले काम भी उत्तर प्रदेश की कार्यदाई संस्था को दिए जा रहे हैं। उत्तराखंड में बाहरी एजेंसी को काम देने से राज्य के भीतर की निर्माणदाई संस्थाओं को असर पड़ रहा है।