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Champawat News: डायलिसिस मरीजों को अब नहीं होना पड़ेगा परेशान

Wed, 10 Jan 2024 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत जिला अस्पताल में डायलिसिस कराते मरीज। संवाद
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चंपावत। जिला अस्पताल में डायलिसिस के लिए अब मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने अस्थायी तौर पर लो वोल्टेज की समस्या को दूर करते हुए डायलिसिस यूनिट की लाइन को अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर से जुड़वा दिया है। इससे डायलिसिस के मरीजों और उनके तीमारदारों ने राहत की सांस ली।
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बता दें कि सोमवार और मंगलवार को मरीजों के डायलिसिस नहीं होने से उनकी जान पर बन आई थी। मंगलवार को तीन मरीजों को समय पर डायलिसिस मिल जाए इसके लिए उन्हें हल्द्वानी रेफर किया गया। मरीजों का कहना है कि सीएम की विधानसभा में उन्हें लो वोल्टेज के कारण डायलिसिस के लिए जूझना पड़ रहा है। इस समस्या का स्थाई तौर पर समाधान करने की जरूरत है।
इधर पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया ने बताया कि डायलिसिस यूनिट की लाइन को अस्थायी तौर पर दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़ा गया है। अस्पताल में लगने वाले 200 केवी ट्रांसफार्मर के लिए टेंडर प्रक्रिया के लिए यूपीसीएल को कहा गया है।
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हर रोज छह मरीजों का होता डायलिसिस
चंपावत। जिला अस्पताल में प्रतिदिन छह मरीजों का डायलिसिस किया जाता है। इसमें चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट समेत अन्य क्षेत्रों से मरीज शामिल हैं। डायलिसिस यूनिट प्रभारी अरविंद बिष्ट ने बताया बुधवार को सुचारु रूप से डायलिसिस हुई। संवाद
बेस में 200 बेड और चिकित्सकों के आवास का निर्माण शुरू
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ बेस अस्पताल में 200 बेड और चिकित्सकों के आवास, नर्स हॉस्टल और इंटर्न हॉस्टल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। एक साल में निर्माण कार्य पूरा कर बेस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पिथौरागढ़ में पुनेड़ी के पास 200 बेड के बेस अस्पताल का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो गया है। वर्तमान में कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम ने नए 200 बेड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा चिकित्सकों के आवास, नर्स हॉस्टल, इंटर्न हॉस्टल का भी निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अगर एक साल के भीतर ये निर्माण कार्य पूरे हो गए तो यहां मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं के संचालन के साथ-साथ बेस अस्पताल भी शुरू हो जाएगा।
सरकार ने कुछ समय पूर्व मेडिकल कॉलेज के 900 पदों की स्वीकृति दी है लेकिन अभी तक एक भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। लोगों ने जल्द नियुक्त करने की मांग की है ताकि बेस और मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं शुरू हो सकें। कार्यदायी संस्था के ईई हरीश प्रकाश का कहना है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

बेस अस्पताल में 200 बेड और अन्य निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। कार्यदायी संस्था को अच्छी गुणवत्ता और तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. अजय आर्या, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़।
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