चंपावत। टनकपुर क्षेत्र के लोगों को उप जिला अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्तमान में डायलिसिस की सुविधा नहीं होने से मैदानी क्षेत्र के लोगों को बाहरी जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है। इसमें उनकी जेब पर आर्थिक भार पड़ने के साथ ही समय की बर्बादी भी होती है।
उपजिला अस्पताल टनकपुर में डायलिसिस संचालन के लिए ठेकेदार मिल गया है। मानकों के अनुसार डायलिसिस संचालन के लिए संबंधित का रजिस्ट्रेशन उस राज्य में होना भी अनिवार्य है। वर्तमान में मिला ठेकेदार यूपी का है। ऐसे में उत्तराखंड राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन के डायलिसिस संचालन शुरू नहीं किया जा सकता है। ठेकेदार की ओर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस की सुविधा मिलने लगेगी। डायलिसिस का संचालन शुरू होने से बनबसा, टनकपुर, सूखीढांग आदि क्षेत्दों की बड़ी आबादी को सुविधा मिलेगी। डायलिसिस शुरू होने से डायलिसिस के मरीजों को खटीमा, पीलीभीत, हल्द्वानी आदि की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
कोटअस्पताल में एक कंपनी की ओर से एक डायलिसिस मशीन दी गई है। मशीन की देखरेख और स्टाल करने के लिए ठेकेदार मिल गया है। ठेकेदार के पास उत्तरप्रदेश का रजिस्ट्रेशन होने के कारण डायलिसिस के संचालन में समय लग रहा है। ठेकेदार का उत्तराखंड में रजिस्ट्रेशन होने के बाद टनकपुर अस्पताल में डायलिसिस शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. घनश्याम तिवारी, सीएमएस टनकपुर