चंपावत। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का कहर जारी है। बारिश के कारण जहां नदी नाले उफान पर हैं, वहीं कई स्थानों पर भूस्खलन होने से लोगों की दिक्कतों में इजाफा हो गया है। जिला मुख्यालय में वन निगम के टाल की दीवार ढह गई है। बारहमासी सड़क पर चंपावत और लोहाघाट के बीच कई स्थानों में पेड़ गिरने और मलबा आने के कारण वाहनों का संचालन जोखिमभरा हो गया है।
बारिश से पीएमजीएसवाई के अंतर्गत आने वाले धौन-बजौन मोटर मार्ग को काफी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश से सड़क कई स्थानों पर बह गई है और भूस्खलन हो रहा है। इससे आवागमन बाधित हो रहा है। बीडीसी सदस्य जगदीश चंद्र, ग्राम प्रधान रवीश राम, बद्री दत्त, प्रकाश चंद्र, प्रेमबल्लभ, विजय कुमार आदि ने पीएमजीएसवाई के ईई को ज्ञापन भेज मोटर मार्ग को जल्द दुरुस्त करने की मांग उठाई है। लोहाघाट में बारिश से काली कुमाऊं रेंज कार्यालय की दीवार ध्वस्त होने से कार्यालय भवन को खतरा पैदा हो गया है। दीवार का मलबा डिग्री कॉलेज देवीधार सड़क मार्ग पर गिरने से लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतें हो रही हैं। रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि कार्यालय भवन की सुरक्षा दीवार भारी बारिश से ध्वस्त हो गई है। इससे कार्यालय भवन को खतरा पैदा हो गया है। इधर मजपीपल के नाथ सिंह पुत्र जोगा सिंह के आंगन की दीवार ध्वस्त होने से मकान को खतरा पैदा हो गया है। इधर डोबाभागू के तड़ीगांव रोताकल्ला में कुंदन राम के पुस्तैनी मकान में मलबा गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गया है। बारिश के चलते लोगों के खेतों, मकानों, सुरक्षा दीवारों को भारी क्षति पहुंची है।
कई पेयजल योजनाएं ध्वस्त हुई , 28 घंटे बंद रहे चौड़ी लिफ्ट योजना के पंप
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में हो रही लगातार भारी से कई पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं। लोहाघाट नगर के लिए बनी चौड़ी लिफ्ट योजना के पंप 28 घंटे बंद रहे। इससे नगर क्षेत्र में पेयजल के लिए हाहाकार मचा रहा।
जल संस्थान के एई पवन बिष्ट का कहना है कि भारी बारिश के चलते नदी में मिट्टी में आने से चौड़ी लिफ्ट योजना और सुंई पंप योजना के पंप करीब 28 घंटे तक बंद रहे। एई ने बताया कि लोहाघाट नगर के लिए पानी की आपूर्ति करने वाली बनस्वाड़ पेयजल योजना, चौड़ी गांव की बलांई और बनगांव योजना, मजपीपल, मडलक, बाराकोट की रैघांव, ईजड़ा, तडीगांव, गल्लागांव, मिरतोली आदि पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन्हें सही करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। वहीं लड़ीधुरा टैंक से खाल तोक और बाजार को आपूर्ति करने वाली पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल संकट गहरा गया है। (संवाद)