उत्तराखंड के बनबसा में भारत नेपाल सीमा का निरीक्षण करते डीजी अशोक कुमार व अन्य अधिकारी।
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टनकपुर/बनबसा। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने भारत-नेपाल सीमा का निरीक्षण कर मातहतों से जानकारी ली। उन्होंने नेपाल और भारत के बीच आवागमन की जानकारी ली। उन्होंने सीमा सुरक्षा के तहत पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
बनबसा स्थित एनएचपीसी के विश्राम गृह में रात्रि विश्राम के बाद डीजीपी सोमवार सुबह चिलियाघोल स्थिति एसएसबी कैंप, भारत-नेपाल सीमा पिलर संख्या सात और एसएसबी चेकपोस्ट में पहुंचे। उन्होंने बूम घाट क्षेत्र और शारदा पार नेपाल की भौगोलिक स्थिति भी देखी। डीजीपी ने पूर्णागिरि मार्ग पर नेपाल सीमा पर स्थित चिलियाघोल एसएसबी कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने एसएसबी के जवानों से सीमा सुरक्षा के लिए पुलिस और एसएसबी के बीच आपसी तालमेल की जानकारी ली।
इमिग्रेशन चेकपोस्ट अधिकारी इंद्र सिंह से भी कामकाज की जानकारी ली। बाद में शारदा बैराज चौकी का भी निरीक्षण कर चौकी प्रभारी एसआई गोविंद सिंह बिष्ट से जानकारी ली। इस दौरान आईजी अजय रौतेला, एसपी लोकेश्वर सिंह, सीओ अविनाश वर्मा, एसओ जसवीर सिंह चौहान, एलआईयू निरीक्षक सुंदर सिंह धनगड़िया, अभिसूचना अधिकारी रामप्रसाद टम्टा, एएसआईओ मो. आसिफ रजा, कोतवाल धर्मवीर सोलंकी, बैराज चौकी प्रभारी गोविंद सिंह बिष्ट आदि थे।
पुलिस को दिलाए जाएंगे आधुनिक उपकरण
बनबसा (चंपावत)। नेपाल सीमा का दौरा करने के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि सीमावर्ती समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। उत्तराखंड पुलिस को हाईटेक किया जा रहा है। जल्द ही पुलिस को स्मार्ट, संवेदनशील बनाकर उन्हें आधुनिक हथियार और उपकरण दिलाए जाएंगे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मिल रही जानकारियों, समस्याओं का पुलिस निस्तारण कर रही है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग रोकने का प्रयास किया जा रहा है। सोशल मीडिया का सदुपयोग कराना होगा।