विकासखंड लोहाघाट के दूरस्थ नेपाल सीमा से लगे ग्राम पंचायत पासम के तोक सुल्ला निवासी नितेश चंद्र की पेड़ की चपेट में आने से मौत के मामले में डीएम ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बृहस्पतिवार को गमगीन माहौल में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस हादसे में घायल दूसरे बालक को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया है।
बुधवार पांच फरवरी की शाम घर के आंगन में खेल रहे नौ वर्षीय नितेश चंद्र पुत्र नारायण चंद्र की रौंसाल-मटियानी मोटर मार्ग से गिरे चीड़ के पेड़ के गिल्टे की चपेट में आकर मौत हो गई थी जबकि 10 वर्षीय मनोज चंद्र पुत्र हयात चंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे लोहाघाट और चंपावत में उपचार करने के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
=-==-=
मिट्टी धंसने के कारण सड़क से नीचे गिर गए थे गिल्टे
ग्रामीण चंद्रकांत तिवारी, बीडीसी सदस्य कैलाश सिंह आदि ने बताया कि विगत दिवस हुई बारिश के दौरान रौंसाल-मटियानी सड़क पर चीड़ का पेड़ गिर गया था। इसे वन विभाग ने काटकर गिल्टे बनाकर लापरवाही पूर्वक सड़क किनारे रख दिया था। सड़क किनारे की मिट्टी धंसने से पेड़ का गिल्टा लुढ़ककर 20 मीटर नीचे आंगन में खेल रहे दो बच्चों पर आ गिरा। इससे एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
कोट
पेड़ के गिल्टे की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत और दूसरे के घायल होने के मामले में डीएम जयवर्धन शर्मा ने मुझे और डीएफओ को जांच के आदेश दिए हैं। जल्द ही मौके पर जाकर मामले की जांच की जाएगी और रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। - नितेश डांगर, एसडीएम, लोहाघाट।
फोटो: 06सीपीटी13पी