लोहाघाट (चंपावत)। ब्लॉक के भारत-नेपाल सीमा पर महाकाली नदी तट पर स्थित नागार्जुन मंदिर में महाकार्तिकी पूर्णिमा के स्नान के साथ नगरूघाट मेले का समापन हो गया है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
बुधवार को सुबह देवडांगरों और श्रद्धालुओं ने महाकाली के तट पर पर्व स्नान किया। मेले में लोहाघाट, टनकपुर, किच्छा, सितागंज, हल्द्वानी आदि से व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजाई थी। पीजी कॉलेज लोहाघाट के छात्रों ने नशा उन्मूलन और सामाजिक बुराई पर नुक्कड़ नाटक का मंचन कर लोगों को जागरूक किया। मौड़ा से आई कलाकार कमला देवी के गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस दौरान मेला समिति की ओर से आयोजित भंडारे में हजारों लोगों प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व देर रात तक विभिन्न गांव से देवडांगरों के जत्थों ने आकर मंदिर में परिक्रमा की।
मेले में ब्लाॅक प्रमुख पाटी शंकर सिंह अधिकारी, लोहाघाट महेंद्र सिंह ढेक, सुभाष बगौली, निर्मल माहरा, सतीश पांडेय, डूंगर सिंह प्रथोली, हुकुम सिंह कुंवर, दिनेश सिंह बिष्ट, चांद बोहरा, सचिन जोशी, राजू गड़कोटी, पंकज सुयाल, ललित कुंवर, पुष्कर सिंह बोहरा, सुनील पुनेठा, आनंद सिंह, कुंदन सिंह प्रर्थोली, अमर सिंह कोटियाल आदि अतिथि रहे।
मेला समिति अध्यक्ष जगदीश चंद्र कलौनी की अध्यक्षता में डॉ. सतीश चंद्र पांडेय और समिति सचिव कमल बोहरा ने संचालन किया। इस मौके पर मेला समिति के प्रबंधक विक्रम सिंह सामंत, रमेश चंद, प्रेम सिंह, चंद्रकांत तिवारी, बहादुर चंद, ईश्वर बोहरा, प्रकाश सामंत, हिम्मत चंद, मोहन सिंह, महेंद्र बोहरा, महेश राम, प्रकाश चन्द, सूरज सिंह आदि रहे।