चैत्रीय नवरात्र के प्रथम दिन जिले भर के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने बालेश्वर, हिंगलादेवी, क्रांतेश्वर, डिप्टेश्वर, मल्लाड़ेश्वर, नागनाथ, घटकू, गोरखनाथ मंदिर में लोगों ने पूजा-अर्चना की। न्याय के लिए प्रसिद्ध गोलू देवता के मूल मंदिर में अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों से आए श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और पूजा की।
लोहाघाट नगर के प्रसिद्ध शिवालय मंदिर में पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की लाइन लगी हुई थी। बाराहीधाम देवीधुरा में हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगी। यहां नैनीताल, भीमताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बरेली आदि तमाम स्थानों से मां बाराही के उपासक आए हुए थे। द्वाराहाट से आए देव डांगर कलीगांव में अवतरित हुए। द्वाराहाट से ढ़ोल नगाड़ों के साथ देव डांगर यहां पहुंचे। बाद में उन्होंने रामेश्वर में पर्व स्नान किया। देवीधार, मानेश्वर, पंचेश्वर, रामेश्वर, चमदेवल, झूमाधुरी, अखिलतारिणी, फटकशिला, ऐड़ीबालकृष्ण मंदिर, शीला देवी मंदिरों में काफी चहल पहल रही।
रावलगांव में नवनिर्मित ऐड़ी देवता मंदिर का पूजा अर्चना, हवन यज्ञ के साथ शुभारंभ किया गया। इससे पूर्व देवडांगरों ने पवित्र रामेश्वर घाट के संगम में स्नान किया गया। गोपाल दत्त गड़कोटी, बालादत्त गड़कोटी, चंद्रशेखर गड़कोटी, हरीश गड़कोटी, माधवी देवी, बची राम, मोहन चौबे, केशव दत्त, बालकिशन, कैलाश चंद्र, महेश चंद्र, बंशीधर, सुरेश गड़कोटी शामिल थे।
बालेश्वर मंदिर में किया गया हवन यज्ञ
चंपावत। ेनवसंवत्सर पर पतंजलि योग समिति की महिला प्रकोष्ठ की ओर से बालेश्वर महादेव मंदिर में हवन यज्ञ आयोजित किया गया। पंडित रमेश चंद्र पंत के मंत्रोच्चार के बीच डा.बीसी जोशी, रमेश पुनेठा, हेमलता पांडेय, शांति कोठारी, जानकी देवी, कमला देवी, खीमा देवी, जिला पंचायत सदस्या सुषमा फर्त्याल, कलावती पंत, नीमा बिष्ट, गीता देवी, शांति वर्मा, कमला पुनेठा, किरन पुनेठा, पूर्व विधायक बीना महराना, रेनू जोशी, चंद्रकला सौन, मणिप्रभा तिवारी, मोहनी सामंत, दीपा भंडारी, राधा भंडारी, लोकमणी पंत आदि ने यज्ञाहुति दी।