अपर मुख्य सचिव एस राजू ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले के स्कूलों में शौचालय निर्माण की वीडियो कांफ्रेंस (वीसी) के जरिए समीक्षा की।
उन्होंने सर्वशिक्षा अभियान (एसएसए), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा), स्वच्छ भारत कोष के साथ-साथ एनएचपीसी द्वारा निर्मित किए जा रहे शौचालयों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई।
जुलाई के अंत तक स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय निर्मित कर उसकी सूचना मय फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश शिक्षा विभाग और कार्यदायी संस्थाओं को दिए।
एसीएस राजू ने शत-प्रतिशत शौचालय निर्मित कर फोटोग्राफी के जरिए सूचना देने की हिदायत दी। शिक्षा महानिदेशक डी सैंथिल पांडियन ने कई जिलों द्वारा बिना संयुक्त निरीक्षण के शौचालयों के लक्ष्य में परिवर्तन करने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने बिना संयुक्त निरीक्षण और रिपोर्ट प्रस्तुत किए लक्ष्य परिवर्तन नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही उपयोग में नहीं आ रहे पूर्व से निर्मित शौचालयों को उपयोग लायक बनाने को कहा।
ऐसे स्कूलों में निर्मित शौचालयों की सूचना और संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने, मरम्मत शिक्षा विभाग के बजट से करने के निर्देश दिए।
शिक्षा सचिव एमसी जोशी ने स्कूलों में निर्मित शौचालयों में पेयजल की व्यवस्था बेहतर कराने को कहा। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।
एसडीएम अशोक जोशी ने बताया कि जिले में रमसा से चार, स्वच्छ भारत कोष से 15 तथा एसएसए से 20 शौचालयों के अलावा एनएचपीसी को 304 शौचालयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था।
जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) वाईएस चौधरी ने बताया कि एनएचपीसी का 152 स्कूलों में 304 शौचालय बनाने का लक्ष्य है। इनमें से 157 शौचालय बन चुके हैं।
79 शौचालय इस माह पूरे हो जाएंगे। रमसा, एसएसए ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। स्वच्छ भारत कोष से 14 शौचालय बन चुके हैं। वीसी में डीडीओ विवेक उपाध्याय के अलावा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।