वन विकास निगम कर्मचारी संगठन विभागीय ढांचे की खामियों के विरोध में आरपार की जंग लड़ेगा। शनिवार को धरने के बाद संगठन ने विभिन्न मांगों पर कार्रवाई होने से पूर्व तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। कहा कि स्केलर के पद के महत्व को देखते हुए प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के बजाय वन निगम द्वारा सीधी भर्ती की जाए। उधर, टनकपुर में शनिवार को संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर निगम प्रबंधन पर कर्मचारी हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। उनका यह आंदोलन 23 फरवरी तक जारी रहेगा।
चंपावत में संगठन के प्रभागीय अध्यक्ष महेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन में कहा गया कि महाप्रबंधक के तीन पद न केवल निगम की जरूरत से ज्यादा है, बल्कि फिजूलखर्ची भी। इन्हें घटाने की मांग की गई। डिपो, कुक, सेवक के पदों को सृजित कर दैनिक आधार पर काम कर रहे कर्मियों को तैनात करने की मांग की गई। विरोध करने वालों में हीरा सिंह कुंवर, हरीश चंद्र पंत, भूपेंद्र मेहता, मोहन बड़ेला, गीता महर आदि शामिल थे।
टनकपुर में निगम कर्मचारी संगठन के प्रभागीय मंत्री गिरीश चंद्र पंत के नेतृत्व में कर्मचारी प्रकाष्ठ डिपो नंबर तीन के गेट पर एकत्र हुए और निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध-प्रदर्शन में दीवान सिंह मेहता, मोहन चंद्र जोशी, तार दत्त हर्बोला आदि कर्मचारी शामिल थे।