जिला विकास संघर्ष समिति ने सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और डीएम डॉ. अहमद इकबाल को 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति ने डीएम के साथ वार्ता के दौरान मांगपत्र की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई न होने पर एक माह बाद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी।
संघर्ष समिति अध्यक्ष बसंत सिंह तड़ागी, हरेंद्र सिंह बोरा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। सदस्यों ने बेस अस्पताल के लिए वित्तीय स्वीकृति, केएमवीएन की भूमि जिला अस्पताल को सौंपने, मुख्यालय में एआरटीओ कार्यालय की स्थापना, जिला जेल को अन्यत्र बनाने, महाविद्यालय में पीजी विषय स्वीकृत करने, चंपावत-खेतीखान मोटर मार्ग, सैंदोला-ललुवापानी मोटर मार्ग, नरसिंहडांडा-कालूखांड मोटर मार्ग निर्माण, खेल स्टेडियम, सीवर लाइन निर्माण, जिला पुस्तकालय में पदों का सृजन, आईटीआई में नए ट्रेड खोलने, चंपावत को पर्यटन शहर बनाने की मांग की।
इस पर डीएम ने कहा कि जिला स्तर पर पूरी होने वाली मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उन्हें पूरा किया जाएगा। शासन स्तर से पूरी होने वाली मांगों से शासन को अवगत करा दिया जाएगा। इनमें संघर्ष समिति के डीके पांडेय, भूपेंद्र सिंह महर, गिरीश जोशी, हरीश चौधरी आदि थे।