ग्राम्य विकास और पंचायतीराज संस्थान (यूआईआरडीपीआर) के तत्वावधान में ग्राम पंचायत सदस्यों, बीडीसी सदस्यों का प्रशिक्षण शिविर संपन्न हो गया है। प्रशिक्षण में बाराकोट न्याय पंचायत के 120 में से 94 सदस्यों ने भाग लिया। संस्थान के उप निदेशक आशीष पुनेठा ने शिविर का समापन किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की बुनियाद हैं। ग्रामीण जन प्रतिनिधियों को विभिन्न विकास कार्यों के तौर तरीकों की जितनी अधिक जानकारी होगी, वह अपनी ग्राम पंचायत के लोगों को उसका अधिकाधिक लाभ दिलाने में सक्षम हो सकते हैं।
एडीओ समाज कल्याण एमडी भट्ट ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। कहा कि अब 18 वर्ष के विकलांग बच्चों को भी भरण-पोषण के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। इसी प्रकार जगरियों, डंगरियों, किसानों आदि को भी पेंशन सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि 19 से 21 जनवरी तक न्याय पंचायत रैघांव में ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्यों और वार्ड सदस्यों का प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा, जिसमें न्याय पंचायत बापरू, बाराकोट, वल्सों के छूटे हुए जन प्रतिनिधि भी प्रशिक्षण ले सकते हैं। बीडीओ पूरन सिंह रावत ने भी विभिन्न जानकारियां दी। इस दौरान संजय आर्या, हेमा जोशी, ओम प्रकाश ने भी विचार रखे।