संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रताप सिंह ने कहा है कि सरकार को संस्कृत भाषी लोगों के लिए रोजगार विकसित करना चाहिए। जिले के दो दिनी भ्रमण पर आए संगठन मंत्री ने इस दौरान विभिन्न स्थानों में बैठकें आयोजित कर लोगों से संस्कृत भाषा और शिक्षा को लेकर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से संस्कृत भारती देश विदेश में संस्कृत भाषा के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।
कार्यालय प्रमुख महेश ओली के साथ संगठन मंत्री ने देवीधुरा, पाटी, खेतीखान, लोहाघाट, चंपावत में लोगों के साथ संस्कृत भाषा संभाषण, संस्कृत शिक्षा आदि के संबंध में विचार विमर्श किया। देवीधुरा में भुवन चंद्र जोशी, कीर्तिबल्लभ जोशी, गोपाल पंतोल, ललित मोहन जोशी आदि ने बताया कि संस्कृत भाषा के प्रति लोगों में काफी निष्ठा है। पाटी में विभाग संयोजक सतीश चंद्र जोशी, रवीश पचौली, भुवन गहतोड़ी, पदमाकर मिश्र, उदयप्रताप मिश्र आदि ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में संस्कृत भाषा के शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए। खेतीखान में महेश ओली, घनश्याम जोशी, देवेंद्र ओली, दीपक ओली, मोनिका जोशी, रेखा जोशी तथा लोहाघाट में भगवान जोशी, जगदीश जोशी, आनंद ओली, डॉ.कमलेश सक्टा, बृजेश गहतोड़ी, हरीश कलौनी, प्रमोद जोशी ने कहा कि संस्कृत के बिना संस्कृति का ह्रास हो रहा है। चंपावत में डॉ.कीर्तिबल्लभ सक्टा, डॉ.बाजश्रवा शास्त्री, सामश्रवा शास्त्री, एकता आर्या, मोनिका आर्या, शिक्षा, नचिकेता, रजत सक्टा, फाल्गुनी सक्टा आदि ने भी संस्कृत भाषा की बेहतरी के लिए सुझाव दिए।