टनकपुर (चंपावत)। वन विभाग तीन महिलाओं को मार चुके बाघ को नहीं पकड़ सका है। इस बाघ को पकड़ने की बजाय विभाग मृतका के परिवार को मुआवजा भी नहीं दे सका है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने राजमार्ग पर जाम लगाने की चेतावनी दी है।
बस्तिया के जंगल में बाघ ने 24 जून को गोविंद सिंह की पत्नी जानकी देवी को मार दिया था।
गुस्साए ग्रामीणों ने राजमार्ग में जाम लगाया तो मौके पर पहुंचे चंपावत वन प्रभाग के डीएफओ एके गुप्ता ने एसडीएम अनिल चन्याल, सीओ आरएस रौतेला की मौजूदगी में लिखित आश्वासन दिया था कि तीन दिन में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
मृतका के पति को विभाग में नौकरी देने, 10 दिन में हमलावर बाघ को पकड़ने का भी आश्वासन दिया गया था लेकिन डीएफओ के किसी भी आश्वासन पर अमल नहीं हो सका। इससे गुस्साए ग्रामीण मंगलवार को ग्राम प्रधान नवीन सिंह, पूर्व प्रधान सरोज देवी के संयुक्त नेतृत्व में तहसील पहुंचे।
उन्होंने एसडीएम अनिल चन्याल को डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने आगाह किया कि एक सप्ताह के अंदर लिखित आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग में बेमियादी जाम लगाने को विवश होंगे। ज्ञापन देने वालों में राधिका देवी, मुन्नी देवी, सीता देवी, पुष्पा देवी, शांति देवी, कीर्ति देवी, राधिका देवी आदि थे।