बसान गांव के 20 वर्षीय युवक दिनेश मेहता ने आज के दिशाहीन होते जा रहे युवाओं को आइना दिखाया है। दिनेश ने कम उम्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रदेश से बाहर उत्तराखंड और अपने जिले का नाम रोशन किया है।
दरअसल, जीआईसी पाटी से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दिनेश पढ़ाई के लिए हल्द्वानी चला गया, लेकिन आर्थिक तंगी ने उसे पढ़ाई छोड़कर इंदौर एमपी जाने के लिए मजबूर कर दिया, जहां उसने होटल में कुक की नौकरी की। इसी के साथ उसने अपने पैसे से पेड़ लगाने का काम भी शुरू कर पर्यावरण संरक्षण की मुहिम शुरू की। चार साल की अवधि में दिनेश ने कई स्थानों पर नौकरी की, लेकिन उसका पेड़ लगाने का जुनून कम नहीं हुआ। मुंबई, पूना, शिरडी, धुले, देवास, इंदौर आदि बड़े शहरों में वह अपने नाम के पेड़ लगा चुके हैं।
इनकी इस प्रवृत्ति पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पद्मश्री जनक पलटा, एमपी के विधायक रमेश मंदोला, कलक्टर पी नर सिंह, डीआईजी संतोष कुमार, कर्नल सीएस अटवाल, पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, लोकगायक जगमोहन दिगारी, चंपावत के जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी दिनेश की पीठ थपथपा चुके हैं। दिनेश ने बताया कि वह होली के दौरान छुट्टी में अपने गांव आकर भी लोगों को हर वर्ष पांच पेड़ लगाने का संदेश देंगे।