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नहीं हुआ डिग्री कॉलेज-पोखरीबोरा सड़क में डामरीकरण

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लोहाघाट डिग्रीकॉलेज-पोखरीबोरा बदहाल सड़क मार्ग। - फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड लोहाघाट के करीब आठ गांवों को जोड़ने वाली डिग्री कॉलेज-पोखरीबोरा सड़क बदहाल बनी है। सड़क कटिंग के करीब 10 साल बाद भी सड़क में डामरीकरण नहीं हो पाया है। जिससे ग्रामीणों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण इस उबड़ खाबड़ सड़क में जान हथेली में रखकर आवागमन करने को बाध्य हैं।
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ग्रामीणों ने लोनिवि, शासन प्रशासन पर सड़क का निर्माण कार्य पूरा न कर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया है। स्पेशल कंपोनेंट प्लान (एससपी) के तहत वर्ष 2006 में लोहाघाट डिग्री कॉलेज से गंगनौला, नसखोला होते हुए अंबेडकर गांव पोखरी बोरा तक 27 किमी सड़क स्वीकृत हुई। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2010 में सड़क कटिंग का कार्य पूरा कर लिया गया था। सड़क कटिंग के 10 सालों में डिग्री कॉलेज से डैंसली गधेरे तक मात्र तीन किमी सड़क में ही डामरीकरण का कार्य हुआ था। शेष 22 किमी सड़क मार्ग बदहाल पड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। इसकी चौड़ाई करीब तीन से चार मीटर के बीच है।
कोट....
डिग्री कॉलेज-पोखरी बोरा सड़क पर डैंसली, भुमलाई, गल्लागांव, कोयाटी, गंगनौला, नसखोला, खतेड़ा, पोखरी बोरा गांव की करीब 10 हजार से अधिक आबादी आश्रित है। सड़क की हालत ठीक न होने से वह अपने उत्पाद बाजार तक नहीं ला पाते हैं।
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भाष्कर राय, ग्राम प्रधान भुमलाई।
डामरीकरण का कार्य न होने से यह सड़क खतरनाक बनी हुई है। जगह जगह बने गड्ढे हर वक्त दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
शिवराज सिंह बोहरा, ग्राम प्रधान कोयाटी खालसा।
डिग्री कॉलेज-पोखरीबोरा सड़क पर तीन किमी और डामरीकरण का स्टीमेट तैयार कर इसे शासन में भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद डामरीकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा। बीएस बोरा, एई लोनिवि, लोहाघाट।
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