दिवाली के मौके पर बाजार में बिक रही ब्रांडेड मोमबत्तियों को स्थानीय स्तर पर तैयार मोमबत्तियां मात दे रही हैं। नरसिंह डांडा गांव के युवा विजय बोहरा की ओर से घर में तैयार मोमबत्तियों को लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। धनतेरस से लेकर शनिवार तक विजय 13 हजार रुपये की मोमबत्ती बेच चुके हैं।
छह माह का प्रशिक्षण लेने वाले विजय ने चंपावत और लोहाघाट बाजार में मोमबत्तियों की दुकानें लगाई हैं। चंपावत में वह खुद और लोहाघाट में उनके छोटे भाई मोमबत्ती बेच रहे हैं। विजय ने बताया कि उद्योग विभाग से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मोमबत्तियां बनाना सीखा। पिछले वर्ष मोमबत्तियों की अच्छी खासी बिक्री होने के बाद उन्होंने इस बार चार क्विंटल मोमबत्तियां तैयार की हैं।
विजय ने बताया कि खटीमा और बरेली से मोम लाकर उन्होंने दिवाली से एक माह पूर्व मोमबत्तियां तैयार कीं। ब्रांडेड मोमबत्तियों के पैकेट 20 रुपये से लेकर 50 रुपये तक हैं मगर विजय की मोमबत्ती के पैकेट की कीमत 25 से 35 रुपये तक है। उसमें मोमबत्तियों की संख्या 15 से 20 तक है।
लोहाघाट में पटाखे के दाम में उछाल से बिक्री में कमी
लोहाघाट (चंपावत)। दिवाली पर्व को लेकर लोहाघाट में काफी चहलपहल रही। सजावटी सामान की खूब मांग रही। पुलिस प्रशासन की ओर से नगर के जवाहर पार्क में पटाखों की दुकानें लगाए जाने से लोगों को एक ही स्थान पर अपने मन पसंद के सारे पटाखे मिल रहे हैं। पटाखों के दामों में इस वर्ष भारी उछाल आने के कारण यह आम लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।
नौकरी पेशा, मध्यम वर्ग के लोग जमकर पटाखे खरीद रहे हैं, वहीं आर्थिक रूप से कमजोर लोग पटाखों की दुकानों को देखकर ही मन बहला रहे हैं। लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पटाखों के दामों में 30 प्रतिशत का उछाल है। फायर ब्रिगेड के एफएसओ चंदन राम के दिशा निर्देशन में पटाखा बाजार में कड़ी नजर रखी जा रही है। पटाखा व्यापारियों को दुकानों के पास आगजनी की घटनाओं से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं।
चिदंबरम के नाम का अनार रहा आकर्षण का केंद्र
चंपावत। आर्थिक मंदी के कारण आतिशबाजी के दामों में गत वर्ष की तुलना में 20 फीसदी की बढ़ोतरी होने के कारण इस बार दीपावली पर्व में आतिशबाजी का कारोबार ठंडा रहा। जिला मुख्यालय के गोरलचौड़ मैदान में लगाई गई आतिशबाजी बाजार में दुकान लगाने वाले अधिकतर दुकानदार इस बार काफी मायूस रहे। आतिशबाजी बाजार में इस बार जहां एक बार फिर से चीन निर्मित पटाखों की धूम रही।
वहीं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री रहे चिदंबरम के नाम का अनार आकर्षण का केंद्र रहा। गोरलचौड़ मैदान में आतिशबाजी की दुकान लगाने वाले भूपेंद्र नाथ, बबलू बिष्ट आदि ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में आतिशबाजी के दामों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी होने के कारण लोगों ने सीमित मात्रा में आतिशबाजी की खरीद की।
चंपावत में पटाखे की खरीद करते लोग।- फोटो : CHAMPAWAT
दिवाली बाजार में अपनी बनाई मोमबत्तियां बेचता चंपावत का विजय कुमार।- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत के गोरलचौड़ मैदान में लगा पटाखा बाजार।- फोटो : CHAMPAWAT
दिवाली बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी चंपावत निर्मित मोमबत्ती।- फोटो : CHAMPAWAT