लोहाघाट विकास खंड बाराकोट के सिंगदा के समीप मिले बीमार मादा तेंदुए की मौत हो गई है। वन विभाग ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे जलाकर नष्ट किया। पशु चिकित्सकों की टीम के पहुंचने से पहले ही मादा तेंदुए ने दम तोड़ दिया।
सिंगदा गांव को जाने वाले मार्ग में शनिवार सुबह लोगों ने तेंदुए को बैठे देखा। इसके बाद तेंदुए को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों पहुंच गए। लोगों ने बताया कि तेंदुआ लंबे समय से एक ही स्थान पर बैठा था, जिसे देखते हुए उसके बीमार होने का अनुमान लगाया जा रहा था। लोगों ने बताया कि तेंदुआ ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। गांव में तेंदुए के बैठे होने की सूचना मिलने के बाद काली कुमाऊं वन क्षेत्र के रेंजर राजेश जोशी टीम के साथ मौके में पहुंच गए। रेंजर ने बताया कि तेंदुए को जाल के सहारे पकड़कर उसे लीसा डिपो तक लाया गया। जहां कुछ देर बाद तेंदुए की मौत हो गई।
रेंजर ने बताया कि बाराकोट के पशु चिकित्सा अधिकारी टीपी यादव ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। रेंजर ने बताया कि मृतक मादा तेंदुए की उम्र करीब 9 साल होगी। वह बीमार और गिरकर घायल हो गई थी, इससे भोजन करने में परेशानियां हुई होंगी। तेंदुए के शव को अधिकारियों की उपस्थिति में जला कर नष्ट कर दिया गया है। डीएफओ नवीन पंत ने बताया कि मादा तेंदुए के पिछले हिस्से में काफी चोट थी। उसकी चोट को देखकर अंदेशा है कि वह कहीं ऊंचाई से गिरकर चोटिल हुई होगी। पंजे और नाखून भी घिस चुके थे। पशु चिकित्सकों की टीम के आने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
सूचना मिलने के ढाई घंटे बाद मौत
लोहाघाट विकास खंड बाराकोट के सिंगदा के समीप मिले बीमार मादा तेंदुए की मौत ढाई घंटे बाद हुई। वन विभाग को सुबह साढ़े छह बजे लोगों ने तेंदुआ दिखाई देने की सूचना दी। सूचना के बाद टीम ने मौके पर जाकर करीब आठ बजे उसे रेस्क्यू किया और लीसा डिपो लाई। इसके कुछ देर बाद मादा तेंदुए की मौत हो गई।