लोहाघाट विकासखंड के मल्लाढेक गांव में एक दुमंजिले मकान में एक-एक कर तीन गैस सिलेंडर फटने से मकान का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया। इस मकान में तीन परिवार रहते थे। अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अलबत्ता कोई जनहानि नहीं हुई। करीब 15 मिनट बाद मौके पर पहुंचे अग्निशमन दस्ते ने आग पर काबू तो पाया।
बुधवार सुबह करीब छह बजे यहां से 6 किलोमीटर दूर मल्लाढेक गांव के केदार सिंह की रसोई में चाय बनाते समय अचानक सिलेंडर से गैस लीक होने से कमरे में अचानक आग भड़क गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आनन-फानन में घर में मौजूद लोगों ने बाहर भाग जान बचाई। रसोई में रखे तीनों सिलेंडर एक के बाद एक फटने से भारी धमाका हुआ। आग लगने के बाद हुई धमाके से गांव में अफरातफरी मच गई। केदार सिंह के अलावा इस मकान में भागीरथी देवी पत्नी दिवान सिंह और केसरी देवी पत्नी हुकुम सिंह का परिवार भी रहता था। मकान पुरानी इमारती लकड़ी का होने के कारण आग देखते ही देखते मकान के दूसरे हिस्सों में भी पहुंच गई। इन मकानों में रह रहे लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
धुआं और धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मदद को आगे आए और फायर कर्मियों को सूचना दी। अग्निशमन दल के मोहन सिंह थापा, हरीश गिरि, भूपेंद्र सिंह, पूरन गिरि, सुनील नाथ ने ग्रामीणों के साथ मिलकर करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्नि कांड में तीनों परिवार के घर में रखा सामान जलकर राख हो चुका था।
तुरंत मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक चंद्र प्रकाश ने बताया कि तीनों परिवारों के घर में गहने, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान जलकर राख हो गए हैं। बताया कि आग लगने से करीब 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने मौके पर जाकर अग्निकांड में हुए नुकसान की भरपाई का पीड़ितों को आश्वासन दिया। ग्राम प्रधान विनोद ढेक, त्रिभुवन ढेक, दिनेश ढेक आदि ने भी प्रभावितों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। आग लगने के बाद से इन प्रभावित परिवारों ने गांव के दूसरे लोगों के घरों में शरण ले रखी है।
भारी पड़ा चंपावत में फायर स्टेशन का न होना
चंपावत जिला बनने के दो दशक बाद भी जिला मुख्यालय में फायर स्टेशन नहीं है। मकान में आग लगने के बाद लोहाघाट के फायर स्टेशन से तुरंत मदद तो मिली, लेकिन इस अग्निशमन दस्ते को पानी लेने के लिए तीन चक्कर लोहाघाट के लगाने पड़े। कई बार मांग उठाने के बाद भी चंपावत में फायर स्टेशन को मंजूरी नहीं मिल सकी है।