चंपावत। जिला मुख्यालय में एसएसबी की पंचम वाहिनी मुख्यालय में आवासीय भवन बना रही सुनहरी बाग बिल्डर्स के एक ठेकेदार के खाते से साइबर ठगों ने 30 लाख रुपये उड़ा लिए। साइबर ठगों ने ठेकेदार पवन कुमार गुप्ता के खाते से इंटरनेट बैंकिंग और ओटीपी के जरिये बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। कंपनी का खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की चंपावत शाखा में था।
कंपनी के पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि तीन अगस्त को सुबह सवा छह बजे उन्होंने अपने मोबाइल में सेंट्रल बैंक चंपावत से आया हुआ मैसेज दिखा। मैसेज में बताया गया था कि उनके खाते से छह किस्तों में 30 लाख रुपये निकाल लिए हैं। साइबर ठग ने अनिकेत चक्रवर्ती एवं जूली मंडल नाम के खातों को पहले कंपनी के खातों के साथ जोड़ा उसके बाद कंपनी के मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगा कर कंपनी की सिम को बंद करवा दिया। कंपनी ने अपने खाते में दो नंबरों को जोड़ा था जिसमें एक नंबर में ओटीपी तथा दूसरे नंबर पर मैसेज आते थे।
पवन ने बताया कि रात में वह मैसेज नहीं देख पाए, सुबह जब उन्होंने मोबाइल चेक किया तो उसमें पैसे के लेनदेन के छह मैसेज आए थे । जब उन्होंने ओटीपी वाला नंबर चेक किया तो पता चला कि वह सिम जो कि एयरटेल की थी वह ठगी करने वाले ने बंद कर दी है। ठगी करने वाले ने छह किस्तों में 15-15 लाख जूली मंडल और अनिकेत चक्रवर्ती के नाम के खातों पर ट्रांसफर कर दिए। ओटीपी वाला नंबर ठग ने डिएक्टिवेट करा दिया गया था। एयरटेल कंपनी से बात करने पर बताया कि दो अगस्त रात्रि नौ बजकर 18 मिनट पर सिम को बंद करा दिया गया था। उन्होंने सुबह छह बजकर 44 मिनट पर सेंट्रल बैंक के कस्टूमर केयर में फोन में बात करके सारे अकाउंट फ्रीज कराने के बाद शाखा प्रबंधक को पूरे घटना की जानकारी दी गई। इस संबंध में कंपनी की ओर से चंपावत कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करानी चाही लेकिन पुलिस की ओर से सात लाख से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस के साइबर सैल में प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि साइबर सैल देहरादून की ओर से मामले की जांच की जा रही है। चंपावत साइबर सैल को अभी इस संबंध में प्राथमिकी नहीं मिली है।