नियमों की अनदेखी कर नाप खेतों से काटी गई मल्ली खटोली वैला सड़क।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्मित मल्ली खटोली-वैला मोटर मार्ग के निर्माण में मानकों को ताखपर रखा जा रहा है। ग्रामीणों ने इस मोटर मार्ग के कुछ हिस्से में तय सर्वे के बजाय सुविधाजनक स्थान से रोड काटने का आरोप लगाया गया है। इस कवायद में काश्तकारों की नाप भूमि की कटिंग से लेकर नौले तक को खतरा पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान ने पीएमजीएसवाई के अधिशासी अधिकारी और जिलाधिकारी से सड़क का तय सर्वे के आधार पर समरेखण कराने की मांग की है।
16 किलोमीटर लंबे मल्ली खटोली से वैला मोटर मार्ग का निर्माण 9.27 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। पहले चरण में इस मार्ग पर कटिंग की जा रही है। ग्राम प्रधान केशव दत्त मौनी का कहना है कि पहले 8 किमी तक सड़क का निर्माण सर्वे के हिसाब से हुई, लेकिन इसके बाद के 4 किमी सड़क को मानकों को ताख पर रखकर काटा जा रहा है। कहा कि निर्माण कार्य सर्वे वाली जगह से करीब 150 मीटर दूसरे छोर से किया जा रहा है।
इससे गांव के काश्तकारों की नाप भूमि, गोचर पनघट प्रभावित हो रही है। और तो और इससे नौले को भी खतरा पैदा हो गया है। जेसीबी की मार गांव के मंदिर की दीवार के एकदम करीब तक पहुंच गई है। ग्रामीणों ने सर्वे के मुताबिक पीलर लगाकर सड़क की कटिंग कराने की मांग की है। इस संबंध में ईई और डीएम को बुधवार को ज्ञापन भी दिया गया। पीएमजीएसवाई चंपावत के कनिष्ठ अभियंता हरीश टकवाल का कहना है कि मल्ली खटोली से वैला मोटर मार्ग की कटिंग में नियमों की अनदेखी नहीं की जा रही है। रोड की कटिंग का विवाद समरेखन के बजाय ग्रामीणों का आपस का है। कुछ लोग एक तरफ, तो कुछ अन्य दूसरी ओर से कटिंग करने का दबाव बना रहे हैं।