सावन के पहले सोमवार को टनकपुर के ज्ञानखेड़ा स्थित शिवालय में जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करती महिला?
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सावन के पहले सोमवार को क्षेत्र के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। ब्रह्म मुहूर्त से ही शिव मंदिरों में हर-हर महादेव के उद्घोष गूंजने लगे थे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर भांग, धतूरा, बेलपत्री से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
वहीं सावन माह में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए शारदा से जल लेने दूर-दराज से कांवरियों के आने का क्रम भी शुरू हो गया है। सोमवार को पीलीभीत से आए कांवरियों के दल ने क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक किया और शारदा से जल लेकर बम-बम भोले के जयकारों के साथ पीलीभीत को रवाना हुए।
शहर के प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर और सीमेंट रोड स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ की पूजा के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इसके अलावा ज्ञानखेड़ा स्थित शिवालय, सैलानीगोठ नईबस्ती स्थित शिव मंदिर, छीनीगोठ शिवालयों में भी शिव भक्तों का तांता लगा रहा। विशेषकर व्रतधारी महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं।
भक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। सोमवार को पीलीभीत के मोहल्ला मोहम्मद वासिल के 47 कांवरियों का जत्था महंत राकेश शर्मा के नेतृत्व में शारदा से जल लेने यहां पहुंचा। होटल वृंदावन के स्वामी मोनू लाला और जड़ी-बूटी व्यवसायी अतुल शारदा ने कांवरियों के जत्थे को जलपान कराया।
जत्थे में राहुल भारद्वाज, आकाश, राकेश, बबलू, संजीव, नरेंद्र, अनिल भारद्वाज ने बताया कि शारदा से जल ले जाकर वे पीलीभीत के मनोकामना शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।