टनकपुर (चंपावत)। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन भी शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम में मां के जयकारों की गूंज रही। करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाए। मुंडन स्थल पर श्रद्धालुओं ने बच्चों का मुंडन कराया। दिन और रात 24 घंटे मां के दर्शन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
शारदीय नवरात्र में प्रतिवर्ष खासी तादाद में उत्तर भारत से मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु शक्तिपीठ में आते हैं। रविवार होने के कारण अधिक संख्या में श्रद्धालु उमड़े। चौथे नवरात्र को दिन भर रुक-रुक कर मां के मुख्य मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी लंबी कतार लगती रही। किच्छा शुगर मिल के प्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने भी मां के दरबार में परिजनों के साथ शीश नवायाए। श्रद्धालुओं के जत्थों के मां के जयकारों के साथ पड़ाव क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।
पूर्णागिरि धाम में आने वालों को रही समस्या
टनकपुर। इस बार मानसून सत्र में भारी बरसात से मां पूर्णागिरि धाम में सड़क, पैदल मार्ग और पेयजल, बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। प्रशासन ने बिजली, पानी और सड़क, पैदल मार्ग आदि व्यवस्थाएं नवरात्र से पहले ठीक कर ली थीं, लेकिन जिला पंचायत की पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने से श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही है।
शारदा घाट पर स्नान और पूजा अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु
टनकपुर (चंपावत)। शारदीय नवरात्रि में मां पूर्णागिरि के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु शारदा घाट पर स्नान के लिए उमड़ रहे हैं। घाट पर श्रद्धालु स्नान के बाद सिद्धबाबा के दर्शन के लिए नेपाल के ब्रह्मदेव मंडी गए। शारदा घाट पर पीलीभीत के बरहा से आए श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल विनोद, प्रमोद, नीरज आदि ने बताया कि शनिवार रात को गांव में जागरण हुआ। वह यहां स्नान और पूजा अर्चना के लिए आए हैं। बरेली के सुभाष नगर के श्रद्धालु मुकेश कुमार मिश्रा, उमर पाल ने बताया कि रविवार सुबह करीब पांच बजे मां पूर्णागिरि धाम में मा के दर्शन किए। अब सिद्धबाबा के दर्शन करेंगे। संवाद
मां पूर्णागिरि की महिमा का किया वर्णन
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के धूनी स्थल पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन भी श्रद्धालु कथा सुनने उमड़े। इस बीच कथा वाचक गिरीशानंद शास्त्री ने रविवार को वेद व्यास, शुकदेव जन्म कथा और पांडवों के जन्म का वृतांत सुनाया। इस दौरान मां पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, रीता तिवारी, भावना देवी, भावना तिवारी, पूजा तिवारी, सरस्वती देवी, बबीता पांडे, पुष्पा पांडे, हेमा तिवारी, विमला पांडे, मंजू पांडे आदि मौजूद रहे। संवाद