सुई और बिशुंग गांव के प्रसिद्ध मां कड़ाई देवी मंदिर में पांच दिवसीय सतचंडी महायज्ञ का हवन यज्ञ और विशाल भंडारे के साथ समापन हो गया है। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शुक्रवार को मां कड़ाई मंदिर में गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, वास्तु पूजन, सर्वतोभद्र मंडल पूजन आदि हुआ। आचार्य जगदीश पांडेय की देखरेख में मुख्य यजमान जीत सिंह माहरा के साथ क्षेत्र के कई लोगों ने आहुतियां दीं।
इस दौरान क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई। मंदिर के पुजारी देवी देवी दत्त पुजारी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। बाद में हुए भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश करायत ने बताया कि मुख्य कथावाचक भाष्करानंद जोशी और उमा शंकर शर्मा के अलावा यज्ञ में आचार्य दीपक जोशी, रघुवर पडलिया, सुनील गहतोड़ी, सतीश पनेरू, मुकेश तिवारी, जगदीश बुड़ाकोटी, कुलदीप कुलेठा, दीपक पांडेय, ललित चौबे आदि शामिल थे। आयोजन में नवीन मुरारी, आनंद मुरारी, दिनेश ढेक, नवीन ढेक, ब्रजेश माहरा, नरेश ढेक, दीवान ढेक, संजय मुरारी आदि ने सहयोग किया।
जगत का भला करते हैं भगवान भोले: पंडित गौरव
चंपावत। गोलज्यू मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा में बड़ी तादाद में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। शुक्रवार को कथावाचक पंडित गौरव पांडेय ने कहा कि भगवान भोले बेहद भोलेभाले हैं। उनकी पूजा का विधान भी निहायत सीधा-सरल है। भगवान शिव भक्तों से तुरंत प्रसन्न हो उन्हें आशीर्वाद देते हैं। पंडित पांडेय ने कहा कि भगवान भोले जगत का भला करने वाले देव हैं। इससे पूर्व सुबह पंडित विद्याबल्लभ ने पूजा-अर्चना और पाठ किया। इस मौके पर विकास साह, प्रकाशनाथ, फणीनंद्र कुमार पांडेय आदि मौजूद थे। 11 अगस्त को भंडारे के साथ शिव महापुराण कथा का समापन होगा।
कड़ाई देवी मंदिर में यज्ञ-हवन करते श्रद्धालु।- फोटो : LOHAGHAT