टनकपुर (चंपावत)। नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से गांधी मैदान में आयोजित रामलीला मंचन के आठवें दिन लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। ज्ञानखेड़ा में आयोजित रामलीला मंचन में सीता हरण तक की लीला देखने लोग उमड़े।
रामलीला मंचन में मां सीता की खोज में निकली वानर सेना लंका के द्वार पर रक्षक राक्षसी को मार लंका प्रवेश करती है। सीता मां को ढूंढ़ते हुए विभीषण से भेंट और विभीषण के बताने पर अशोक वाटिका पहुंचती है। लंका दहन तक की लीला देखने लोग उमड़े। इससे पहले कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत किया। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष संजय पांडे, सचिव मयंक पंत, संस्थापक नीरज सिंह, संस्थापक विशाल कुमार अग्रवाल, अनुराग मित्तल, प्रतिभा अग्रवाल, उपाध्यक्ष कल्पना आर्य आदि मौजूद रहे। इधर, उत्तरांचल रामलीला समिति ज्ञानखेड़ा के रामलीला मंचन में आठवें रोज सूर्पणखा नासिका क्षेदन, सीता हरण तक की लीला का मंचन किया गया। राम के पात्र आदित्य तिवारी, लक्ष्मण के वैभव कांडपाल, सूर्पणखा के पात्र विनय कुमार, रावण के पात्र नारायण दत्त चिलकोटी आदि रहे।
बनबसा रामलीला में समुद्र तट तक पहुंची राम की सेना
बनबसा (चंपावत)। बनबसा के गढ़ीगोठ, पचपकरिया और बनबसा की रामलीला का मंचन जारी है। बनबसा रामलीला में बीती रात हनुमान का अशोक वाटिका उजाड़ने, अक्षय कुमार का वध, विभीषण का राम की शरण में जाने, राम की सेना का समुद्र तट पर पहुंचने तक की लीला का मंचन दिखाया गया। रावण की भूमिका जसवंत बसेड़ा, हनुमान की भूमिका अभिषेक चंद और सीता की भूमिका रिया चंद ने निभाई। पचपकरिया बमनपुरी रामलीला में हनुमान के अशोक वाटिका में प्रवेश से लंका दहन तक की लीला का मंचन दिखाया गया। हनुमान का पात्र चंदन बिष्ट, सीता का रोशन भट्ट, विभीषण का सौरभ जोशी, अक्षय कुमार का गौरव सिंह, अंगद का गिरीश भट्ट ने निभाया। पचपकरिया बमनपुरी रामलीला में हनुमान के अशोक वाटिका में प्रवेश से लेकर रामेश्वरम की स्थापना तक की लीला का मंचन दिखाया गया। संवाद