लोहाघाट विकासखंड के पंचायतघरों में ब्राडबैंड लगाने की कवायद को झटका लगा है। यहां के 11 पंचायतघरों के प्रधानों ने भवन की जीर्णशीर्ण हालत के मद्देनजर ब्राडबैंड लगाने से असहमति जताई है। इन पंचायतों द्वारा ब्राडबैंड से संबंधित उपकरण भी लेने से इंकार किया गया है। उनका कहना है कि ब्रॉड बैंड लगाने से पहले पंचायतघरों की हालत को सुधारने के अलावा सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए। भारत संचार निगम लिमेटड (बीएसएनल) ने इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को पत्र भेजते हुए काम में सहयोग करने की अपील की है।
केंद्र सरकार ने देश की सभी ग्राम पंचायतों को 2019 तक ब्राडबैंड से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके चलते जिले के चार विकासखंडों में से लोहाघाट ब्लाक में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यहां की 67 ग्राम पंचायतों के भवनों को ब्राडबैंड से जोड़ने के लिए काम शुरू हुआ। सभी पंचायतघरों तक ऑप्टीकल फाइबर केबिल (ओएफसी) पहुंचा दी गई थी। बीएसएनएल के नेटवर्क इंजीनियर एससी पांडेय का कहना है कि लोहाघाट विकासखंड की 45 ग्राम पंचायतों के भवनों को ब्रांडबैंड से जोड़ दिया गया है। इसके अलावा 11 अन्य ग्राम पंचायतों में उपकरण लगा दिए गए हैं। जबकि 11 ग्राम पंचायतों द्वारा ब्राडबैंड के काम में सहयोग नहीं किया जा रहा है। ग्राम प्रधान पंचायतघरों की चाभी नहीं देने के अलावा प्रधान उपकरण भी नहीं ले रहे हैं।
इनमें गुड़मांगल, बगोटी, डुंगरी, मानाढुंगा, पाशम, डुंगरी बोहरा, कोलीढेक, बंदेलाढेक, मोत्युराज, सुल्लापाशम व नसखोला ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इस संबंध में बीएसएनएल ने डीपीआरओ को पत्र भेज सहयोग का आग्रह किया है। दूसरी तरफ संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कहना है कि ग्राम पंचायत के भवनों में खामी होने से वे इन उपकरणों की जिम्मेदारी नहीं लेने में असमर्थ है। कुछ पंचायतघर जीर्णशीर्ण हैं, तो कुछ के दरवाजे, खिड़कियां, कुंडियां टूटी हैं। उनका कहना है कि भवनों की हालत को सुधारने के बाद ही वह इन उपकरणों को लेंगे।
ब्राडबैंड से होंगे कई लाभ
पंचायतघरों के ब्राडबैंड से जुड़ने से ग्रामीणों को कई लाभ होंगे। निर्माण, आवास योजनाओं के रिकार्ड के बेहतर रखरखाव से लेकर राशनकार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से लेकर विभिन्न कार्य गांव में ही हो जाएंगे। इसके अलावा आधार कार्ड, बैंकिंग व तमाम ऑनलाइन काम पंचायतघरों से ही हो जाएंगे। फिलहाल गांव के लोगों को अपने काम के लिए प्रधान व ग्राम विकास अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
कोट
लोहाघाट विकासखंड की 67 ग्राम पंचायतों में से 11 में ब्रांडबैंड कनेक्शन को लेकर दिक्कतें आ रही है। इन ग्राम पंचायतों को एक सप्ताह के भीतर जरूरी मरम्मत कर ब्रांडबैंड से जोड़ने की प्रक्रिया करने को कहा गया है। ब्राडबैंड से जुड़ चुके पंचायतघरों में कनेक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं। -सुरेश बेनी, जिला पंचायत राज अधिकारी, चंपावत।
टूटे कमरे में ही लगा दिया ब्राडबैंड कनेक्शन
बंदेलाढेक के ग्राम प्रधान विनोद ढेक का कहना है कि बंदेलाढेक पंचायतघर के दो कमरों में से एक में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहा है। दूसरे कमरे के दरवाजे व खिड़कियां टूटी है। बीएसएनएल ने पंचायत से संपर्क किए बगैर ही टूटे कमरे में ब्राडबैंड कनेक्शन लगा दिया है। बीएसएनल से इन उपकरणों को सुरक्षा कारणों से आंगनबाड़ी कक्ष में शिफ्ट करने का आग्रह किया, मगर कनेक्शन शिफ्ट नहीं हुआ। ऐसे ही हाल डुंगरी के पंचायतघर के भी हैं। ग्राम प्रधान महेश जोशी का कहना है कि पंचायतघर बेहद बुरे हाल में है। लेकिन बीएसएनएल ने बगैर सूचना दिए ही यहां ब्राडबैंड की कवायद शुरू कर दी। तीड़लग्गा, भाड़ी, टिनखुरी व डुंगरी तोकों के लोगों को यहां पहुंचने के लिए पांच किमी खड़ी चढ़ाई पार कर पहुंचना पड़ेगा।