जुलाई 2008 में राजकीय घोड़ा प्रजनन के पास बीएसएनएल के तीन पोलों के केबल की चोरी मामले में सीजेएम के आदेश के खिलाफ की गई अपील जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। तीनों आरोपियों को एक-एक साल की सजा और दो-दो हजार रुपये का जुर्माना बरकरार रखा गया है। अलबत्ता आरोपियों को भारतीय टेलीफोन अधिनियम की धारा से जरूर राहत मिल गई है।
राजकीय घोड़ा प्रजनन के पास बीएसएनएल के तीन पोल के केबल चोरी मामले में 28 जुलाई 2008 को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुुआ था। विवेचना के बाद आरोपी शफीक अहमद निवासी इस्लामनगर (ऊधमसिंह नगर), दिलशाद अहमद निवासी खर्ककार्की एवं अमर प्रहरी निवासी पहरूड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 379, 411 और भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम की धारा 3/8/25 के तहत आरोप पत्र भेजा गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अप्रैल 2013 को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 411 तथा आईटी अधिनियम की धारा के तहत सजा सुनाई थी।
आरोपियों ने फैसले के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की। दोनों पक्षों के वकीलों की दलील और साक्ष्य के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीएस दुग्ताल ने आईपीसी की धारा 411 के तहत दोषसिद्ध का आदेश पुष्ट किया, जिसके तहत एक-एक वर्ष की सजा सुनाई गई। इसके अलावा दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना अदा नहीं करने पर 15 दिनों की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।