खनिजों के भंडारण की नई नीति लागू कर दी गई है। अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण नियमावली 2005 के स्थान पर अवैध खनन 2015 की नियमावली लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि अवैध भंडारण, परिवहन, खनन पर खान-खनिज विकास और विनियमन अधिनियम की धाराओं के तहत दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही भंडारित किए गए खनिज की मात्रा के विक्रय मूल्य का पांच गुने तक रकम वसूली जाएगी।
भंडारण अनुज्ञा स्वीकृति अथवा नवीनीकरण के लिए आवेदन चार प्रतियों मेें जमा करना होगा। भंडारण के लिए हर माह क्रय-विक्रय का लेखाजोखा निर्धारित प्रपत्र में डीएम, वाणिज्य कर, खान अधिकारी, उप निदेशक खनन और भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई को अनिवार्य रूप से देना होगा। खान अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि आवेदन 600 घन मीटर के लिए किया जा सकता है, जिसमें धर्मकांटा अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाएगा। खनिजों के भंडारण के लिए आवेदन टनकपुर उप जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकेंगे।
टनकपुर में भाजपा एक को देगी धरना
खनन नीति को पूर्ववत रखने की मांग को लेकर भाजपा एक फरवरी को टनकपुर में धरना देगी। भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने बताया कि खनन स्टॉक नीति पूर्ववत करने और टनकपुर राजकीय पॉलीटेक्निक के बगैर मान्यता चलने के विरोध में पार्टी भाजपा नगर कार्यालय से जुलूस निकालने के बाद तहसील परिसर में धरना देगी।
चल्थी क्षेत्र में अवैध खनिज भंडारण से ग्रामीणों में गुस्सा
टनकपुर (चंपावत)। चल्थी क्षेत्र में हो रहे खनन के अवैध खनिज भंडारण के विरोध में ग्रामीण मुखर होने लगे हैं। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। दियूरी, ताकला, बेलखेत के ग्रामीणों की ओर से मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और राज्यपाल को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि चल्थी के कई खनन पट्टाधारकों द्वारा खनिज भंडारण के लिए नियत स्थान के बजाय खनिज भंडारण नियमों को ताक में रखकर आसपास के गांवों में अवैध तरीके से रेत और अन्य खनिज सामग्री का भंडारण किया जा रहा है, जिसे लेकर कई बार ग्रामीणों और पट्टा धारकों में विवाद की स्थिति पैदा हो चुकी है और क्षेत्र में अशांति का माहौल पैदा होने का खतरा बना है। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी जिला प्रशासन ने खनिज सामग्री का अवैध तरीके से भंडारण कर रहे पट्टाधारकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। शिकायती पत्र भेजने वालों में नवीन सिंह, अमर सिंह, त्रिलोक सिंह, मनोहर सिंह, नाथ सिंह, मनोज जोशी, महेंद्र सिंह, भरत राम, गोपाल आर्य, विनोद सिंह आदि ग्रामीण शामिल हैं।