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विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष भिड़े

Thu, 03 Dec 2015 09:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी और लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और गालीगलौज हुई। हालांकि, अधिकारियों और कुछ अन्य लोगों के बीच बचाव से मामला आगे बढ़ने से बच गया। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर मारने की धमकी का आरोप लगाया है। दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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बृहस्पतिवार को जिला जल एवं जलागम समिति की बैठक चल रही थी। बाराकोट और पाटी विकासखंड के पड़ासूसेरा, बौतड़ी, सिब्यौली में सुरक्षा दीवार को योजना में रखने को लेकर दोनों नेताओं में अलग-अलग राय थी। मध्यान्ह 12 बजे इन योजनाओं को लेकर शुरू हुए विवाद ने तीखी बहस और बाद में गालीगलौज का रूप ले लिया। एकाएक हुए इस वाकये से बैठक में मौजूद अधिकारी और दूसरे जन प्रतिनिधि सन्न रह गए। प्रभारी जिलाधिकारी जेएस राठौर, जिला विकास अधिकारी वीके उपाध्याय, मुख्य कृषि अधिकारी रामलाल चंद्रावल, जिला पंचायत सदस्य बसंत पुनेठा, बाराकोट के ब्लाक प्रमुख निर्मल माहरा, विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र बोहरा आदि ने बीच-बचाव किया। प्रभारी डीएम के बाएं और दाएं बैठे इन दोनों नेताओं को बीच-बचाव कर हटाकर मामले को और ज्यादा बिगड़ने से बचाया गया।

बाद में दोनों जन प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे पर हाथापाई करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। बैठक छोड़ दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर ने बताया कि विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष की तहरीर के आधार पर दोनों मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 352, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तामली के थानाध्यक्ष जनार्दन भट्ट और चंपावत कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक माधो राम को जांच अधिकारी बनाया गया है। दोनों जांच अधिकारियों से वास्तविक तथ्य तथा साक्ष्यों के आधार पर जांच करने को कहा गया है।
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जिला प्लान की बैठकों में अपनी गैर मौजूदगी में विधायक प्रतिनिधि को भेजने की बात कही, तो जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति जताई, जिस पर उन्होंने शासनादेश की मांग की। इस पर हुई बहस के बाद अध्यक्ष ने गालीगलौज, हाथापाई तथा जान से मारने की धमकी दी। -पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।

विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने गालीगलौज, अभद्रता और जानलेवा हमला किया। प्रभारी जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों तथा एक जिला पंचायत सदस्य द्वारा बीच बचाव होने से ही वे बच सके। -खुशाल सिंह अधिकारी, अध्यक्ष, जिला पंचायत, चंपावत।

मर्यादा के साथ हो विरोध : हेमेश
चंपावत विधायक हेमेश खर्कवाल ने कहा कि दोनों जन प्रतिनिधियों के बीच हुई गालीगलौज दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति में विरोध के लिए जगह है। सभी को अपना-अपना पक्ष रखने का हक है, लेकिन यह तर्कपूर्ण और मर्यादित होना चाहिए।

धुर सियासी विरोधी हैं दोनों नेता
जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी और विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के बीच विवाद की चाहे जो भी वजह हो, लेकिन यह पृष्ठभूमि 16 महीने पुरानी है। दोनों नेता एक दूसरे के धुर विरोधी हैं। 5 अगस्त 2014 को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में दोनों के बीच तलवारें खिंची थी। इस चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर खुशाल सिंह अधिकारी को भाजपा की ओर से विधायक की पत्नी सुषमा फर्त्याल ने टक्कर दी थी। अध्यक्ष चुनाव के दौरान ही एक सदस्य के कथित अपहरण का मामला भी दोनों के बीच तीखे टकराव की वजह बना था। इस अपहरण प्रकरण पर विधायक और उनके समर्थकों पर डीएम कक्ष में तोड़फोड़ तथा एनएच जाम करने का भी आरोप लगा था, जिस पर विधायक सहित चार दर्जन से ज्यादा आरोपी अल्मोड़ा जेल गए थे। मौजूदा विवाद पर भी कहीं न कहीं पिछली सियासी टकराव की छाया पड़ी है।

बैठक में अनुमोदित हुए 33 गांव
जिला जल एवं जलागम समिति की बैठक में मौजूदा वित्त वर्ष के 33 गांवों की योजनाओं को अनुमोदित किया गया। साथ ही 2016-17 के लिए गांवों को चयनित किया जाना था, लेकिन विवाद की वजह से इन गांवों को चयनित नहीं किया जा सका। अलबत्ता मुख्य कृषि अधिकारी रामलाल चंद्रावल ने बताया कि 2015-16 के लिए चयनित 33 गांवों का अनुमोदन कर दिया गया।
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